मोदी सरकार की खामियां गिना रहा था ये शख्स, मंत्री ने माइक ही छीन लिया

नई दिल्ली। एक तरफ मोदी सरकार स्वच्छ भारत मिशन को बढ़ावा देने के लिए तरह-तरह की योजना तैयार कर रही है तो वहीं दूसरी ओर उन्हीं के विधायकों के कान में जूं तक नहीं रही। हाल ही में एक मामला सामने आया है जहां स्वच्छ भारत मिशन को बढ़ावा देने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री का अमानवीय बर्ताव सामने आया है।

मोदी सरकार

दरअसल, असम के नौगांव जिले में हुई इस रैली में जब स्थानीय रिटायर्ड टीचर खराब सड़क की समस्या बताने के लिए मंच पर बोलने लगे तो केंद्रीय मंत्री बीच में कूद पड़े और माइक छीन लिया। उनका कहना है कि वो इस बारे में कई बार स्थानीय विधायक को पत्र भी लिख चुके हैं लेकिन आज तक इनपर ध्यान नहीं दिया गया।

टीचर ने कहा, ‘एक साल से अधिक समय बीत गया है। स्थानीय लोग अभी भी अमोलपट्टी के बीबी रोड की खस्ताहाल समस्या से जूझ रहे हैं। लोगों को उम्मीद है कि नई सरकार और नए विधायक रोड को दुरुस्त कराने के लिए कदम उठाएंगे।’

टीचर को अपनी बात ठीक तरह से नहीं रखने दिया गया और जूनियर रेलवे मिनिस्टर राजन गोहैन तुरंत अपनी कुर्सी से खड़े हुए और सीधे शिक्षक के पास पहुंचे। जनता के सामने ही टीचर से माइक छीन लिया गया। केंदीय मंत्री ने टीचर से कहा कि वह संबंधित अधिकारी से बात क्यों नहीं करते हैं? ऐसा लगता है कि आप यहां एक उद्देश्य से पहुंचे हैं। बकवास है ये सब।

रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय मंत्री के इस सवाल का जवाब देने के लिए टीचर ने माइक दोबारा लेना चाहा लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इस तरह माइक छीनना कहां तक सही है, इससे ये लोग क्या साबित करना चाहते हैं। हालांकि केंद्रीय मंत्री के इस व्यवहार के बाद असम के एक छात्र संघ ने उनके पुतले फूंके।

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