मोदी सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर, डायल करें और पायें अपना चोरी हुआ मोबाइल

नई दिल्ली: जब भी किसी व्यक्ति का मोबाइल खो जाता है तो उसके सामने कई तरह की परेशानी खाड़ी हो जाती है। पहले पुलिस के पास जाकर मोबाइल खोने की कम्प्लेन दर्ज करवाओ, फिर सिम कार्ड को बंद कराने के लिए टेलिकॉम कम्पनियों के ऑफिस में जाओ। फिर भी बहुत कम ऐसे मौके होते हैं जब आपको आपका मोबाइल मिल जाता है। लेकिन अब केंद्र सरकार एक नया सिस्टम बनाने की कवायद शुरू कर दी है जिससे आपको अपना खोया या चोरी हुआ मोबाइल मिल सकता है। इसके अलावा आपको ज्यादा चक्कर भी नहीं काटने पड़ेंगे।

दरअसल, केंद्र सरकार ने सरकार ने मोबाइल चोरी होने या खोने पर इसकी शिकायत प्रक्रिया को आसान बनाने की योजना बनाई है। केंद्र सरकार की ओर से एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। इस हेल्पलाइन नंबर पर देश के किसी भी कोने में मोबाइल चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

केंद्र सरकार की ओर से मोबाइल चोरी या खोने की शिकायत को लेकर हेल्पलाइन नंबर 14422 जारी किया है। इस पर फोन करके आप अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इतना ही नहीं शिकायत के तुरंत बाद ही आपका मोबाइल सिम बंद कर दिया जाएगा। हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत के बाद तुरंत ही उस इलाके पुलिस और सेवा प्रदाता मोबाइल कंपनी इसकी खोज में जुट जाएगी। ऐसे में आपका मोबाइल वापस भी मिल सकता है।

इस प्रॉजेक्ट को केंद्र सरकार ने BSNL को सौंप दिया है जो फिलहाल महाराष्ट्र में इसका पायलट प्रोजेक्ट चला रही है। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) नाम के सिस्टम को विकसित किया जा रहा है। CEIR में देश के हर नागरिक का मोबाइल मॉडल, सिम नंबर और IMEI नंबर मौजूद है। मोबाइल मॉडल पर निर्माता कंपनी द्वारा जारी IEMI नंबर के मिलान का सिस्टम सी-डॉट ने विकसित किया है। इस सिस्टम को चरणबद्ध तरीके से राज्यों की पुलिस को सौंपा जाएगा। इसके बाद पुलिस को मोबाइल फोन को ढूंढ़ने में काफी सहूलियत मिलेगी।

दरअसल, मोबाइल के खोने पर शिकायत दर्ज होते ही पुलिस और सर्विस ऑपरेटर मोबाइल मॉडल और IMEI का मिलान करेंगी। अगर IMEI नंबर बदला जा चुका होगा, तो सेवा प्रदाता उसे बंद कर देंगी, हालांकि सेवा बंद होने पर भी पुलिस मोबाइल ट्रैक कर सकेगी। CEIR ऑपरेटर्स का फेक IMEI नंबर पहचानने में भी मदद करेगा यानी कि इस नंबर को बदलने के बावजूद पुलिस फोन को ढूंढ़ सकेगी। इसके अलावा यदि कोई IMEI नंबर बदलने की कोशिश करता है तो उसे 3 साल तक की जेल या जुर्माना हो सकता है।

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