कश्मीर के युवा देश की विकास में भागीदार बनें : मोदी

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मोदीजम्मू/श्रीनगर | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू और कश्मीर के युवाओं से देश की विकास गाथा को आगे ले जाने का आह्वान किया और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की शांति और विकास के लिए ‘मानवता’, ‘लोकतंत्र’ और ‘सद्भाव’ स्थापित करने की बातों को दोहराया। अपनी एक दिन की जम्मू यात्रा के दौरान मोदी ने एक खेल परिसर और एक सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का उद्घाटन किया, साथ ही एक सार्वजनिक सभा को संबोधित किया और श्रीमाता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भाग लिया।
मोदी ने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, “जम्मू और कश्मीर के लोगों का वाजपेयी में बहुत भरोसा था। वे अक्सर ‘इंसानियत’, ‘कश्मीरीयत’ और ‘जम्हूरियत’ को राज्य के विकास के लिए जरूरी बताते थे। हम इन स्तंभों के माध्यम से इन्हें नई ऊंचाई तक ले जाएंगे।”

मोदी के साथ महबूबा मुफ्ती भी थीं मौजूद

मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती भी इस दौरान मोदी के साथ थीं। मोदी ने राज्य के दिवंगत मुख्यमंत्री मुफ्ती मुहम्मद सईद को याद करते हुए कहा कि वह एक विजनरी राजनेता थे, जो जम्मू और श्रीनगर के बीच की दूरी मिटा रहे थे। उन्होंने कहा कि सईद मुस्लिम बहुल कश्मीर और हिन्दू बहुल जम्मू क्षेत्र के बीच खाड़ी की तरह थे।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि 21वीं सदी भारत की है, क्योंकि “जिस ऊर्जा की जरूरत है वह है ज्ञान और वह भारत के पास है।” उन्होंने कहा, “भारत के पास 80 करोड़ युवाओं की शक्ति है जो 35 साल से कम उम्र के हैं। हर युवा का सपना देश की प्रगति की कहानी बन सकती है।”
मोदी ने यहां एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि संभवत: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जितना कोई भी जम्मू और कश्मीर से भावनात्मक रूप से नहीं जुड़ा हुआ है।मोदी ने यहां कटरा के पास काकरयाल में श्रीमाता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा स्थापित एक खेल परिसर और एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का उद्घाटन करने के बाद कहा, “जम्मू और कश्मीर के विकास और शांति के लिए उनका इंसानियत, जम्हूरियत और कश्मीरियत का नारा हमारे लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।”
मोदी ने सईद को याद करते हुए कहा कि राज्य के लोगों को तीव्रगति से चौतरफा विकास की जरूरत है, जिसका सपना दिवंगत मुख्यमंत्री मुफ्ती जी ने देखा था।मुफ्ती का जनवरी 2016 में दिल्ली में निधन हो गया था। मोदी ने कहा, “हम मुफ्ती साहब को याद करते हैं। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में कई वर्ष गुजारे। उनका लंबा राजनीतिक जीवन था। उनके दिमाग में एक चीज हमेशा रहती थी और वह यह कि उन्हें जम्मू और कश्मीर के बीच मनोवैज्ञानिक और भौतिक दूरियों को कम करना है।”
मोदी का जम्मू दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब कश्मीर घाटी का कुछ हिस्सा पिछले कई दिनों से अशांति में उलझा हुआ है। सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच संघर्षो पांच लोगों की मौत हो चुकी है। हंदवाड़ा में सेना के एक जवान द्वारा नाबालिग स्कूली छात्रा के साथ छेड़छाड़ की अफवाह के बाद उपजे विवाद पर मोदी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। हालांकि, छात्रा ने इस तरह के आरोपों का खंडन किया, और सेना ने भी इस घटना से इंकार किया। लेकिन हिंसा फिर भी फैलती गई।मोदी ने स्वास्थ्य और खेल परिसरों के उद्घाटन के बाद राज्य के युवाओं से आग्रह किया कि उन्हें कुछ बनने का नहीं, बल्कि कुछ करने का सपना देखना चाहिए। इसके साथ ही युवाओं से खेलकूद में हिस्सा लेने का भी उन्होंने आह्वान किया।उन्होंने कहा, “मैं नहीं चाहता कि अधिक लोग अस्पताल में भर्ती हो, लेकिन यह मेरी प्रार्थना है कि अधिक लोगों को खेल परिसरों में होना चाहिए ताकि वे अस्पताल से दूर रहें।”महबूबा मुफ्ती के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह मोदी की पहली जम्मू और कश्मीर यात्रा है।

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