पाकिस्तान को पीएम मोदी का एक और झटका, मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा होगा वापस

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नई दिल्‍ली। पाकिस्‍तान को लेकर पीएम मोदी का रुख बदल गया है। पीएम मोदी हर हाल में पाकिस्‍तान को सबक सिखाना चाहते हैं। वहीं मोदी सरकार ने पाकिस्तान को एक और झटका देने की तैयारी कर ली है। सिंधु नदी समझौते के बाद अब सरकार पाकिस्तान को दिए गए मोस्ट फेवर्ड नेशन के दर्जे पर पुनर्विचार करेगी। इसके लिए 29 सितंबर को रिव्यू मीटिंग बुलाई गई है। इस मीटिंग में पीएमओ, कॉमर्स मिनिस्ट्री और विदेश मंत्रालय के अधिकारी मौजूद रहेंगे।

मेघवाल और मंडवियाअर्जुन मेघवाल ने मोस्ट फेवर्ड नेशन को लेकर पिछले हफ्ते दिया था संकेत

पाकिस्तान को भारत ने 1996 में मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दिया था। जबकि पाकिस्तान ने अभी तक भारत को यह दर्जा नहीं दिया है। केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अर्जुन मेघवाल ने पिछले हफ्ते पाकिस्तान को मिलने वाले मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएफएन) का दर्जा खत्म करने का इशारा किया था।

दुनिया के मोर्चे पर भी पाक हो जाएगा अलग-थलग

केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल ने कहा कि सरकार के पास एमएफएन पर विचार करने का प्रस्ताव पहले से है। इससे पहले भी सरकार पाकिस्तान को अलग-थलग करने का ऐलान कर चुकी है। मेघवाल ने कहा कि भारत व्यापार संबंधों से अधिक तवज्जो देश की सुरक्षा को देता है। उन्होंने कहा कि जब पाकिस्तान को मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दिया गया, उस वक्त स्थिति अलग थी, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये पहली बार है जब भारत पाक के एफएफएन स्टेट्स को रिव्यू कर रहा है। मेघवाल ने ये भी कहा है कि भारत को पाकिस्तान दुनिया के मोर्चे पर भी अलग-थलग करने के लिए काम कर रहा है। इससे पहले सुब्रमण्यम स्वामी सहित बीजेपी के कई नेता और रिटायर्ड सैनिक एमएफएन का दर्जा वापस लेने के लिए सरकार से अपील कर चुके हैं।

क्या है MFN स्टेट्स?

वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन और इंटरनेशनल ट्रेड नियमों को लेकर एमएफए स्टेट्स दिया जाता है। एमएफएन स्टेट्स दिए जाने पर दूसरे देश इस बात को लेकर आश्वस्त रहता है कि उसे व्यापार में नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। भारत ने पाकिस्तान को 1996 में एमएफएन का दर्जा दिया था। इसकी वजह से पाकिस्तान को अधिक आयात कोटा और कम ट्रेड टैरिफ मिलता है। हालांकि, बदले में पाकिस्तान ने आश्वासन देने के बावजूद भारत को अब तक एमएफएन दर्जा नहीं दिया है।

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