मोहम्मद रफी के पुत्र कांग्रेस में शामिल हुए

मुंबई महान पाश्र्वगायक स्वर्गीय मोहम्मद रफी के बेटे शाहिद रफी ने मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एमआईएम) को छोड़कर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली। वह कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हुए। कपड़ा व्यापारी और गायक शाहिद रफी ने दक्षिण मुंबई की मुंबादेवी विधानसभा सीट से एमआईएम के टिकट पर चुनाव लड़ा था। वह चुनाव हार गए थे।

मोहम्मद रफी

मोहम्मद रफी के बेटे ने राहुल गांधी से मुलाकात की

मोहम्‍मद रफी के बेटे शाहिद ने मुंबई में राहुल गांधी से मुलाकात की। उन्हें करतल ध्वनि के बीच कांग्रेस में शामिल किया गया। इस मौके पर मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष संजय निरूपम और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे। शाहिद रफी ने कहा कि मैं अपने पिता मोहम्‍मद रफी की ही तरह लोगों की मदद और सेवा करना चाहता हूं। मुझे लगता है कि विधायक बनकर मैं जनता की मदद कर सकूंगा। कई पार्टियां आईं और गईं, लेकिन बहुत कम बदलाव हुआ। मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे मुझे सेवा का एक मौका दें।

पिता को भारत रत्‍न देने की मांग                   

शाहिद रफी अपने पिता मोहम्‍मद रफी को भारत रत्न देने की मांग कर चुके हैं। उन्होंने 31 जुलाई, 2010 को स्वर्गीय मोहम्‍मद रफी की पुण्यतिथि के मौके पर ‘मोहम्मद रफी अकादमी’ की शुरुआत की थी। इसमें नवोदित गायकों को प्रशिक्षण दिया जाता है। अकादमी का उद्देश्य भारतीय शास्त्रीय और समकालीन संगीत को बढ़ावा देना है।

मोहम्मद रफी

कौन हैं मोहम्‍मद रफी

महान गायक मोहम्‍मद रफी ने अपनी अपनी पेशेवर जिंदगी में तकरीबन 26 हजार गीत गाये, और लगभग हर भाषाओ में। वर्ष 1946 में फिल्म ‘अनमोल घड़ी’ में ‘तेरा खिलौना टूटा ‘ से उन्होंने हिन्दी फिल्म जगत के पायदान पर कदम रखे थे और उसके बाद कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। शर्मीले रफ़ी और शम्मी सीधे-सादे और बहुत ही शर्मीले हुआ करते थे मोहम्मद रफ़ी। न किसी से ज्यादा बातचीत न ही किसी से कोई लेना-देना। न शराब का शौक न सिगरेट का। न पार्टियों में जाने का शौक, न ही देर रात घर से बाहर रहकर धूमाचौकड़ी करने की फितरत। एकदम सामान्य और शरीफ थे रफ़ी। आजादी के समय विभाजन के दौरान उन्होने भारत में रहना पसन्द किया। उन्होंने बेगम विक़लिस से शादी की और उनकी सात संतान हुईं-चार बेटे तथा तीन बेटियां।

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