बांग्लादेश में 6 आतंकवादियों का मृत्युदंड बरकरार

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ढाकाबांग्लादेश की एक अदालत में 2005 में बम विस्फोट के मामले में छह आतंकवादियों को दी गई मौत की सजा को गुरुवार को बरकरार रखा गया है। विस्फोट में चार वकीलों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया। मामले के दोषी छह आतंकवादी इनयातुल्ला, अरिफुर रहमान, सैयदुर रहमान मुंशी, अब्दुल्ला अल सोहैन, निजामुद्दीन रेजा और तैयबुर रहमान प्रतिबंधित संगठन जमातुल मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) से संबंद्ध हैं।

मौत की सजा

मौत की सजा के अलावा दो को बरी कर दिया

पीठ ने दो अन्य को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और दो को बरी कर दिया है। आतंकियों ने 29 नवंबर, 2005 में गाजीपुर अदालत परिसर में बार एसोसिएशन के एक कार्यालय में बम विस्फोट किए थे। विस्फोट में एसोसिएशन के महासचिव अमजद हुसैन, वकील गुलाम फारुख, नुरुल हुदा और अनवरुल अजीम के साथ ही चार मुवक्किल भी मारे गए थे।

त्वरित सुनवाई न्यायाधिकरण ने जून 2013 में जेएमबी के 10 सदस्यों को मृत्युदुंड की सजा सुनाई थी। जेएमबी बांग्लादेश में इस्लामिक शासन चाहता है। संगठन ने 17 अगस्त, 2005 को ढाका में किए विस्फोट समेत देश के 64 जिलों में से 63 में सिलसिलेवार बम विस्फोट किए थे।

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