मौसम विभाग का अलर्ट, उत्तराखंड में अगले 48 घंटे हो सकते हैं भारी

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देहरादून। उत्तराखंड में मानसून भले ही 30 जून से दस्तक देने वाला हो लेकिन इससे पहले ही बारिश लोगों की आफत बनी हुई है। प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश से कई जगह भूस्खलन से हाईवे बंद हो गए हैं तो कही कई घरों में पानी घुस रहा है। यही नहीं, मौसम विभाग ने अब तो भारी बारिश की चेतावनी जारी कर दी है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के कई हिस्सों में अगले 48 घंटे भारी होने वाले है।

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मौसम बदल रहा अपना रुख

मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में अगले 48 घंटों में बेहद भारी वर्षा होने वाली है। वहीं विभागीय रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में भारी मात्रा में बारिश हुई। विशेषकर रुड़की, बड़कोट और चमोली में सबसे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई।

बुधवार को उत्तराखंड में हुई बारिश से भले ही लोगों को गर्मी से राहत मिली हो लेकिन इससे परेशानी भी बढ़ गईं हैं। बुधवार को राज्यभर के अलग-अलग हिस्सों में जमकर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान बड़कोट और चमोली में 50 मिमी से अधिक बारिश हुई।

जानकारी के मुताबिक, मौसम विभाग ने पिथौरागढ़, नैनीताल, रुद्रप्रयाग व चमोली में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बताते चलें, बुधवार को चारधाम समेत तमाम पहाड़ी इलाकों में झमाझम बारिश हुई, वहीं मैदानी इलाकों में गर्म हवाओं के थपेड़ों से लोग परेशान रहे।

इससे मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 42.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, बारिश से हुए भूस्खलन से गंगोत्री व यमुनोत्री राजमार्ग एक घंटे बाधित रहा। जबकि रुद्रप्रयाग व पिथौरागढ़ में बारिश के बीच चले अंधड़ से पेड़ व पोल गिरने से जगह-जगह मार्ग बाधित रहे।

देहरादून समेत हरिद्वार, रुड़की, कोटद्वार, हल्द्वानी, पंतनगर जैसे शहर सूरज की तपती गर्मी से झुलसते रहे। दिनभर चले गर्म हवाओं के थपेड़ों से लोग बेहाल रहे और दोपहर तक अधिकांश सड़कों पर आवाजाही काफी कम हो गई थी।

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यही नहीं, उत्तरकाशी में बारिश से गंगोत्री व यमुनोत्री राजमार्ग पर मलबा आ गिरा है जिसके कारण यात्रियों की यात्रा बाधित हो गई। वहीं, रुद्रप्रयाग में बारिश के बीच चले अंधड़ से राजमार्ग पर कुछ स्थानों पर आधा दर्जन पेड़ व पोल गिर गए जिससे बद्रीनाथ व केदारनाथ यात्रा में आंशिक रूप से बाधित होती रही।

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