यहां पहली बार पीरियड आने पर लड़कियों के साथ जो होता है वह कोई सोच भी नहीं सकता

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बोगांइ। एक लड़की को पहली बार पीरियड आना जहां दर्द भरा और तकलीफ देने वाला हो सकता हैं, वहीं भारत में एक ऐसी जगह है जहां पहली बार पीरियड आने पर किशोर लडकियों के साथ एक बड़ी ही अजीबो-गरीब परंपरा निभाई जाती है जिससे जानने के बाद अप भी हैरान हो जायेंगे। इस दौरान इस जगह के लोग जश्न मानते हैं नाचते और गाते हैं।पीरियड

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पीरियड आने के बाद लड़की की कर देते हैं केले के पेड़ से शादी
यह अनोखी परंपरा असम के बोगांइ जिले के सोलमारी गांव में मनाई जाती है। यहां पहली बार लड़की के पीरियड आने पर जश्‍न मनाया जाता है। यह अजीबो-गरीब परंपरा यहां के लोग सालों से निभाते आ रहे है। आज भी इस परंपरा इस परंपरा को पुरे हर्षौल्लास के साथ निभाया जाता है।

बीबीसी की खबर के अनुसार यहां जब इस गांव कि लड़की को पहली बार पीरियड आता है तो उसके माता-पिता उसकी शादी केले के पेड़ से करवा देते हैं। इस अनोखी शादी को तोलिनी ब्‍याह कहा जाता है। यह शादी तब की जाती है जब लड़की अपनी किशोरावस्‍था में कदम रखती है। उसके बाद जब उसका पहला पीरियड आता है।

किशोर लड़कियों का तोलिनी ब्याह पीरियड के पहले दिन ही करा दिया जाता है। उसके बाद उस गांव की प्रथा के अनुसार उस लड़की को ऐसे कमरे में रखते हैं जहां सूरज की रोशनी न पड़ें।

इतना ही नहीं प्रथा के नुसार वहां पर ब्याह के बाद लड़की को पका हुआ खाना देने की भी अनुमति नहीं होती है । उसे केवल कच्‍चा दूध, फल खाने को दिए जाते हैं। पीरियड्स के दौरान उसे जमीन पर सोना होता है और वह किसी का चेहरा तक नहीं देख सकती है।

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