बच्चों में बढ़ते कुपोषण को लेकर यूनिसेफ ने जताई चिंता

0

मोगादिशू। संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) ने गुरुवार को सोमालिया में कुपोषण और हैजा या डायरिया के मामलों में वृद्धि पर चिंता जताई, जिसके चलते 2011 में कई बच्चे अकाल के दौरान मारे गए 

यूनिसेफ

यूनिसेफ ने कुपोषण से पीड़ित 35,400 बच्चों का सैकड़ों पोषण केंद्रों पर उपचार किया गया

पूर्वी एवं दक्षिणी अफ्रीका की यूनिसेफ की क्षेत्रीय निदेशक लीला पक्काला ने कहा कि 2016 में दर्ज हुए 15,600 मामलों के मुकाबले इस साल की शुरुआत से अब तक हैजा/दस्त के 18,400 मामले के सामने आ चुके हैं।

पक्काला ने बैडोआ के एक हैजा उपचार केंद्र में विस्थापित परिवारों और मरीजों से मुलाकात के बाद मोगादिशू में जारी अपने बयान में कहा, “अधिकांश मामले छोटे बच्चों से जुड़े हुए हैं। ये संख्या हमारे लिए चेतावनी है।”

उन्होंने कहा, “बच्चे कुपोषण, भूख, प्यास और बीमारियों से मर रहे हैं। 2011 में अकाल के दौरान लगभग 130,000 छोटे बच्चों की मौत हो गई, जिनमें से लगभग आधे की मौत अकाल घोषित होने से पहले ही हो गई। ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हम अपने सहयोगियों के साथ दिन-रात काम कर रहे हैं।”

यूनिसेफ ने बताया कि कुपोषण से पीड़ित 35,400 बच्चों का जनवरी और फरवरी में सोमालिया के सैकड़ों पोषण केंद्रों पर उपचार किया गया, जो 2016 की इसी अवधि में दर्ज कुपोषण के मामलों में 58 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।

सोमालिया के दक्षिणी भाग के मुख्य हिस्सों में अकाल घोषित होने के छह साल बाद बड़े पैमाने पर फैले सूखे से देश बर्बादी के कगार पर है, जिसके चलते देश के सोमालीलैंड, पंटलैंड और ग्रामीण इलाके प्रभावित हो रहे हैं।

loading...
शेयर करें