मोदी ने लगाए एक तीर से दो निशाने, चुनाव के दौरान तय किया राष्ट्रपति और यूपी के सीएम का नाम

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नई दिल्ली उत्तर प्रदेश चुनाव अभी चल ही रहे हैं हालांकि बीजेपी ने अभी तक यूपी के मुख्यमंत्री पद के लिए किसी नाम की घोषणा तो नहीं की है। लेकिन अभी-अभी इस बारे में एक बड़ी खबर के बाहर आने से यूपी की राजनीति में बवाल मच गया है। अब तक हुए मतदान में वोटरों का रुझान बीजेपी के पक्ष में साफ़ दिखाई दे रहा है और कहा जाने लगा है कि इस बार यूपी में बीजेपी ही सरकार बनाएगी।

यूपी के मुख्यमंत्री

यूपी के मुख्यमंत्री पद के लिए योगी आदित्यनाथ का नाम सामने आया है

ख़बरों के मुताबिक़ बीजेपी ने यूपी के मुख्यमंत्री पद के लिए तीन चेहरों का चयन किया है और इन्ही में से किसी एक को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। चुनावों के नतीजे इस बात को निर्धारित करेंगे कि मुख्यमंत्री किसे बनाया जाएगा। हालांकि सूत्रों के मुताबिक़ बहुमत मिलने पर मुख्यमंत्री पद के लिए बीजेपी की पहली पसंद हिंदुत्व का चेहरा माने जाने वाले योगी आदित्यनाथ हैं। बहुमत ना मिलने की स्थिति में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी या केशव प्रसाद मौर्या भी उम्मीदवार बनाये जा सकते हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ यूपी चुनावों में बीजेपी ने अपना एक नया दांव खेला है। दरअसल इसी साल राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल खत्म हो रहा है और कहा जाने लगा है कि बीजेपी हिंदुत्व के अपने सबसे बड़े चेहरे लाल कृष्ण आडवाणी को राष्ट्रपति बनाने जा रही है। यूपी चुनावों में राम मंदिर एक अहम् मुद्दा है और आडवाणी ही श्री राम आंदोलन के जनक कहे जाते हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक़ एक तीर से तीन शिकार करके बीजेपी ने यूपी में अपना महादांव चल दिया है। योगी आदित्यनाथ और आडवाणी के नामों के बाहर आने से यूपी के लोगों में संदेश जाएगा कि बीजेपी आज भी अपनी विचारधारा से डगमगाई नहीं है। बीजेपी के इस दांव से सपा और बसपा में भी खलबली मच गयी है। दोनों ही पार्टियों को लगने लगा है कि मुस्लिम वोट सपा, बसपा और कांग्रेस के बीच बंट जाएंगे और सारे हिन्दू वोट बीजेपी के पाले में चले जाने से उनकी जीत पक्की हो जायेगी।

इस तरह से यदि यूपी में बीजेपी की जीत हो जाती है तो इसका फायदा उन्हें राज्यसभा में भी मिलेगा। एक ओर तो यूपी के लोगों को केंद्र सरकार की सभी योजनाओं का पूरा-पूरा फायदा मिल पायेगा, वहीँ दूसरी ओर राज्यसभा में बहुमत में आने पर पीएम मोदी अपनी फुल फॉर्म में आ जाएंगे और देश के विकास के लिए कड़े फैसले भी आसानी से ले पाएंगे। जो क़ानून अभी राज्यसभा के कारण अधर में लटके हैं उनके पास हो जाने से देश तरक्की के रास्ते पर सरपट दौड़ने लगेगा।

(Note –  इस खबर में कितनी सच्चाई है इसकी जिम्मेदारी www.puridunia.com नहीं लेता, ये खबर हमने ddbharti.in वेबसाइट से ली है)

 

(ddbharti.in से साभार)

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