संपत्ति का ब्यौरा न देने वाले मंत्रियों को मिला योगी का अल्टीमेटम, आज होगी तीसरी कैबिनेट बैठक

0

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सत्ता संभालने के बाद से ही फुल फॉर्म में नजर आ रहे हैं। उन्होंने प्रदेश की सत्ता संभालने के बाद से नौकरशाहों से लेकर मंत्री तक सभी पर नकेल कस रखी है। इसी क्रम में बीते सोमवार को उनका चाबुक उन मंत्रियों पर चला है जिन्होंने उनके आदेश को दरकिनार करते हुए अभी तक अपनी संपत्ति का ब्यौरा पेश नहीं किया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इन मंत्रियों को चिट्ठी लिखकर बुधवार तक अपनी संपत्ति का ब्यौरा पेश करने का अल्टीमेटम दिया है। इसके अलावा पत्र में उन्होंने सूबे के मंत्रियों को कुछ अन्य हिदायतें भी दी है।

योगी आदित्यनाथ

योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रियों को फिर सुनाया फरमान

दरअसल, सूबे की सत्ता संभालने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी मंत्रियों को अपनी संपत्ति का ब्यौरा पेश करने का फरमान सुनाया था। सभी मंत्रियों ने उनके इस आदेश का पालन भी किया, लेकिन उनके कैबिनेट में 13 मंत्री ऐसे भी थे जिन्होंने इस आदेश को दरकिनार कर दिया। अब इन मंत्रियों को योगी का अल्टीमेटल मिला है। ये अल्टीमेटम मिलने के बाद से मंत्रियों के बीच हडबडाहट का माहौल देखने को मिल रहा है। योगी ने पत्र के माध्यम से मंत्रियों को कुछ हिदायतें भी दी हैं।

योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों को दी हिदायत में कहा है कि सूबे के सभी मंत्री पांच हजार रुपये से ज्यादा का उपहार लेने से गुरेज करें। इसके अलावा उन्होंने मंत्रियों को बेवजह की दावत से भी दूर रहने की सलाह दी है। इसके अलावा उन्होंने मंत्रियों को किसी भी तरह का ऐसे आडम्बर से बचने की भी सलाह दी है जिसकी वजह से विपक्ष उनपर या मंत्रिमंडल पर उंगलियां उठा सके। सीएम ने यह भी कहा है कि किसी भी शासकीय दौरे के दौरान मंत्री किसी भी निजी स्थान या सर्किट हाउस में न ठहरे। उन्होंने मंत्रियों से हर साल 31 मार्च तक परिसंपत्तियों का ब्योरा देने को भी कहा गया है।

योगी मंगलवार शाम को करेंगे अपनी तीसरी कैबिनेट बैठक

योगी आदित्यनाथ ने इस पत्र के माध्यम से ही अपनी तीसरी कैबिनेट की बैठक का ऐलान भी किया है। उन्होंने यह बैठक मंगलवार शाम पांच बजे बुलाई है। बताया जा रहा है कि कैबिनेट की इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। इस बैठक में सीएजी की ऑडिट रिपोर्ट को मंजूरी भी मिल सकती है। बैठक में सीएजी की ऑडिट रिपोर्ट कैबिनेट के सामने रखी जाएगी। अगर कैबिनेट की मंजूरी मिल जाती है, तो इसके बाद रिपोर्ट को फिर विधानसभा सत्र में रखा जाएगा। सीएजी की रिपोर्ट में अलग-अलग विभागों का ब्यौरा होता है।

इसके अलावा मंगलवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में नई तबादला नीति पर भी विचार विमर्श किया जा सकता है। इसमें पुरानी नीति से कुछ बदलाव किए जाएंगे। पुरानी तबादला नीति में एक जिले में छह साल से जमे और मंडल में दस साल से जमे अफसर हटाए जाते रहे हैं। अब नई नीति में जिले में जमे अफसरों के लिए सीमा पांच साल और मंडल में जमे अफसरों के लिए सात साल करने की तैयारी है।

इसके साथ ही गोरखपुर मेट्रो की डीपीआर तैयार करने को भी मंजूरी कैबिनेट बैठक में दी जा सकती है। बिजली विभाग में समूह ‘ग’ और ‘घ’ की भर्तियों की प्रक्रिया में भी बदलाव का प्रस्ताव बैठक में लाया जा सकता है। बैठक में सरकार की ओर से ई-टेंडरिंग को अनिवार्य करने की तैयारी है। सीएम योगी आदित्यनाथ पहले ही निर्देश दे चुके हैं कि ठेकों मे पूरी तरह से पारदर्शिता बरती जाए।

loading...
शेयर करें