पहले शहीद का घर बनाया हाइटेक और सीएम के निकलते ही कर दिया वीरान

0

लखनऊ। योगी सरकार एक बार फिर विवादों में है। दरअसल देवरिया के शहीद प्रेम सागर के परिवार से मिलने सीएम योगी आदित्य नाथ गत 12 मई को पहुंचे थे। हुआ यूं की जैसे ही वहां के प्रशासन को खबर लगी कि सीएम आरहे हैं तो शहीद के घर का कायापलट ही कर दिया। घर को हर एक सुविधा से परिपूर्ण कर दिया गया लेकिन जैसे ही सीएम निकले वैसे ही घर का सारा सामान निकाला लिया गया।

योगी आदित्य नाथ

योगी आदित्य नाथ ने शहीद के परिवार को दी चार लाख रुपए की चेक और एफडी

इस कृत से प्रशासन के अधिकारियों की संवेदनहीनता सभी के सामने आ गई। इस घटना की निंदा प्रदेश में ही नहीं देश भर में हो रही है। मिली जानकारी के मुताबिक, सीएम का प्रोग्राम फिक्स था। प्रशासन ने जिस कमरे में सीएम योगी बैठने वाले थे वहां आनन-फानन में एसी (एयर कंडीशनर), सोफे लगाने के साथ कालीन बिछा दिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ शहीद के परिवार से मिले जहां उन्होंने परिवार को चार लाख रुपए का चैक और दो लाख रुपए की एफडी दी। लेकिन जैसे ही सीएम साहब वहां से निकले ठीक उसी आनन-फानन से सारा सामान निकाल भी लिया गया।

योगी आदित्य नाथ के शहीद के गांव पहुंचने से पहले ही स्थानीय अफसरों ने गांव में डेरा डाल लिया था। मामले में शहीद प्रेम सागर के बेटे ईश्वर चंद्र ने बताया कि जिस कमरे में हमें मुख्यमंत्री से मिलना था वहां सुबह ही बांस-बल्लियों के सहारे एसी लगा दिया गया था। घर में नया सोफा और नई कालीन भी बिछाई गई। घर के तौलिए तक बदल दिए गए। रात को ही मजदूरों को बुलाकर घर के अंदर पेंट भी करा दिया। गांव की सड़के भी रातों-रात चमका दी गईं। नालियों को भी साफ कर दिया गया।

लेकिन उनके जाते ही सारा सामान तुतारांत ही निकला लिया गया।, वहां के ग्रामीणों का कहना है कि जितनी तत्परता से ये सारा सामान निकाला गया ये असंवेदनशील था।

वहीँ पूरे मामले में सफाई देते हुए यूपी सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि देवरिया में शहीद के घर मुख्यमंत्री गए थे। वहां परिवार के साथ स्थानीय प्रशान की तरफ से कुछ चूक भी हुई जिसकी जांच कराई जाएगी। जो दोषी साबित होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। श्रीकांत शर्मा ने आगे कहा कि सरकार की नियत साफ है हम शहीद के परिवारों के साथ हैं।

गौरतलब है कि एक मई को दौरान बॉर्डर एक्शन टीम भारतीय इलाके में घुसकर आर्मी-बीएसएफ की पैट्रोलिंग टीम पर हमला कर दिया था। जिसमें हेड कांस्टेबल प्रेम सागर और 22 सिख इन्फैंट्री के नायब सूबेदार परमजीत सिंह शहीद हो गए।

loading...
शेयर करें