योग दिवस: योग करने से दूर होते हैं ये 5 रोग, लॉकडाउन में फायदा डबल

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हर साल 21 जून को मनाया जाता है. योग न सिर्फ आपके शरीर को ऊर्जावान बनाने में मददगार है, बल्कि इससे कई तरह की बीमारियां भी दूर रहती हैं. कोरोना वायरस जैसी भयंकर महामारी और इसके कारण हुए लॉकडाउन के चलते योग का महत्व और ज्यादा बढ़ गया है. हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि लॉकडाउन में ज्यादातर लोगों का फिजिकल वर्कआउट जीरो हो चुका है. इस स्थिति में योग करने से आपको इसके ज्यादा फायदे मिलेंगे.

मोटापा-
योग करने से मोटापे से जुड़े कई रोगों से मुक्ति मिलती है. अगर आप नियमित तौर पर योग करते हैं तो आपका अधिक वजन जरूर कम हो जाएगा. हालांकि इस दौरान आपको अपनी डाइट पर भी कंट्रोल करना होगा. मोटापे के चलते इंसान को दूसरी बीमारियों से भी ज्यादा खतरा होता है.

डायबिटीज-
माना जाता है कि डायबिटीज ऐसी बीमारी है, जिसका कोई इलाज नहीं है. वास्‍तव में आप इंसुलिन प्रतिरोधक का इलाज नहीं कर सकते. लेकिन अपने ब्‍लड शुगर को कंट्रोल कर सकते हैं. योग की मदद से बॉडी का ब्‍लड शुगर आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है. सीडीसी की एक रिपोर्ट के मुातबिक कोरोना से मरने वालों में मोटापा और डायबिटीज के रोगी ज्यादा हैं.

अस्‍थमा-
अस्थमा के मरीजों के लिए योग बेहद कारगर है. योग करने से न सिर्फ आपको सांस संबंधी तकलीफों से छुटकारा मिलेगा, बल्कि आपको इंहेलर लेने की जरूरत भी नहीं पड़ती है. योग से फेफड़ों में ताजी हवा पहुंचती है और सांस से जुड़ी सारी समस्‍याएं दूर हो जाती हैं. बता दें कि कोरोना काल में अपने फेफड़ों का बचाव करना एक चुनौती बन चुका है. ऐसे में योग आपको रेस्पिरेटरी डिसीज़ से राहत दिला सकता है.

हाइपरटेंशन-
हाईब्‍लड प्रेशर से कई बीमारियों की शुरुआत होती है. हाइपरटेंशन की बीमारी को दूर करने में योग काफी मददगार है. योग व ध्यान की मदद से हाइपरटेंशन को दूर किया जा सकता है.

माइग्रेन-
एक उम्र के बाद अकसर लोगों को माइग्रेन की समस्या होने लगती है. माइग्रेन का मुख्‍य कारण दिमाग तक ब्‍लड का पर्याप्‍त मात्रा में सर्कुलेशन न होना है. योग की मदद से दिमाग तक आसानी से ब्‍लड पहुंच जाता है. माइंड में फ्रेशनेस बनी रहती है. माइग्रेन में शीर्षासन या हेडस्‍टैंड करने से लाभ मिलता है.

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