भगवान शिव का रणवीरेश्वर मंदिर, यहां होती है हर मुराद पूरी

0

जम्मू। जम्मू शहर के शालीमार मार्ग पर बना भगवान शिव का ऐतिहासिक रणवीरेश्वर मंदिर देश के ऐतिहासिक मंदिरों में से एक मान जाता है। इस मंदिर का निर्माण 1883 ई में महाराजा रणबीर सिंह ने करवाया था। यहाँ एक हजार पत्थरों से बने शिवलिंग स्थित हैं।  प्रत्येक शनिवार और सोमवार को भक्तों की भीड़ रहती है।

रणवीरेश्वर मंदिर

 

रणवीरेश्वर मंदिर में देश के कोने-कोने से आते हैं श्रद्धालु

देश के कोने कोने से लोग रणवीरेश्वर मंदिर में भगवान शिव के दरबार में मत्था टेकने आते हैं। इसं मंदिर में स्थापित की गईं भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्ति का निर्माण राजा महाराजा रणबीर सिंह ने राजस्थान के प्रसिद्ध मूर्तिकारों से तैयार करवाई थीं। इसके अलावा साढ़े सात फीट ऊंचा शिवलिंग नर्मदा नदी से निकला गया है, जिसे ट्रेन से जम्मू लाया गया था। महाराजा स्वयं इस शिवलिंग को आरएसपुरा से रथ पर अपने साथियों के साथ भजन-कीर्तन करते खींचते हुए जम्मू लाए। उन दिनों जम्मू में ट्रेन आरएसपुरा तक ही आती थी।

इस भव्य मंदिर के निर्माण में करीब दो साल का समय लगा। मंदिर के अंदर बनाए गए चित्रों में भगवान शिव, भगवान विष्णु और भगवान राम की भव्य लीलाओं की झलक देखने को मिलती है। मंदिर में स्थापित भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्तियां महाराजा रणबीर सिंह ने राजस्थान के प्रसिद्ध मूर्तिकारों से तैयार करवाई थीं। इसके अलावा साढ़े सात फीट ऊंचा शिवलिंग नर्मदा नदी से निकला गया है, जिसे ट्रेन से जम्मू लाया गया था। महाराजा स्वयं इस शिवलिंग को आरएसपुरा से रथ पर अपने साथियों के साथ भजन-कीर्तन करते खींचते हुए जम्मू लाए। उन दिनों जम्मू में ट्रेन आरएसपुरा तक ही आती थी। इस भव्य मंदिर के निर्माण में करीब दो साल का समय लगा। मंदिर के अंदर बनाए गए चित्रों में भगवान शिव, भगवान विष्णु और भगवान राम की भव्य लीलाओं की झलक देखने को मिलती है

ऐतिहासिक रणवीरेश्वर मंदिर के महंत ऋषिवन जी ने मंदिर से जुड़ी कथा के बारे में बताया कि महाराजा रणबीर सिंह ने मंदिर का निर्माण श्री नाद गिरि जी महाराज से प्रेरित होकर शुरू करवाया था। मंदिर परिसर में नाद गिरि जी महाराज की समाधि भी निर्मित है। उन्होंने बताया कि मंदिर का निर्माण पूरा हो चुका था और शिवलिंग स्थापित करने की तैयारी की जा रही थी, तभी महाराजा रणबीर सिंह का स्वास्थ्य खराब हो गया।

तब महराज रणबीर सिंह ने अपने भाई राजा राम से कहा कि वो पूजा में शामिल हो जाये और मूर्ति स्थापना का कार्यक्रम पूरा करें।  महाराज की आज्ञा पर राजा राम सिंह पूजा में शामिल हुए परंतु जैसे ही शिवलिंग को जलहारी पर स्थिापित करने का समय आया तो कोई भी उसे उठा नहीं पाया। उसके बाद बीमार महाराजा रणबीर सिंह स्वयं मंदिर जाना पड़ा। वहां पहुँच कर रणबीर सिंह ने भगवान शिव से क्षमा अर्चना की और विधिवत पूजा पाठ के बाद शिवलिंग की स्थापना की ।

loading...
शेयर करें