रमनपुर पहुंचे डॉ. रमन, महिला ने चाय पर बुलाया

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रायपुर| छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने रविवार को प्रदेशव्यापी लोक सुराज अभियान के पहले दौर का शुभारंभ राज्य के आदिवासी बहुल गरियाबंद जिले के रमनपुर गांव से किया। यह गांव छुरा विकासखंड की कनेसर पंचायत का आश्रित गांव है। अचानक पहुंचे मुख्यमंत्री ने कनेसर में लोक सुराज अभियान के पहले दौर में आवेदन संकलित करने के लिए लगाए गए शिविर के बारे में भी अधिकारियों से जानकारी ली।

रमन सिंह

रमन सिंह ने गरीब महिला के घर में पिया काली चाय 

उल्लेखनीय है कि पहाड़ी पर बसा केड़ीआमा लगभग सौ वर्ष पुराना गांव है। यह वीरान हो गया था। रमन सिंह ने ही 16 मई, 2006 को इसे नए सिरे से बसाया था। इसलिए ग्रामीणों ने गांव का नामकरण उन्हींके नाम पर ‘रमनपुर’ किया है।

इस गांव में 46 परिवार रहते हैं। उनकी जनसंख्या 250 है। रमन सिंह ने वहां प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजना के तहत नि:शुल्क रसोई गैस कनेक्शन प्राप्त गरीब परिवारों की महिलाओं से भी मुलाकात की। इस दौरान एक महिला नंदिनी विश्वकर्मा ने उन्हें अपने घर चाय पीने के लिए बुलाया। नंदिनी ने कहा कि मेरे परिवार को उज्‍जवला योजना के तहत रसोई गैस कनेक्शन के साथ डबल बर्नर चूल्हा और पहला सिलेंडर नि:शुल्क मिला है।

डॉ. रमन सिंह उनके घर पहुंचे, जहां नंदिनी ने उन्हें और उनके साथ आए लोगों को गैस चूल्हे में काली चाय बनाकर पिलाई। मुख्यमंत्री ने उनके घर निर्मित शौचालय को भी देखा। डॉ. सिंह ने रमनपुर की चौपाल में ग्रामीणों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली।

उन्होंने ग्रामवासियों के आग्रह पर ग्राम पंचायत मुख्यालय कनेसर से केड़ीआमा तक एक करोड़ 44 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण जल्द करवाने की घोषणा की और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्माण कार्य तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए।

सिंह ने कनेसर में मंगल भवन निर्माण के लिए चार लाख रुपये और सीसी रोड निर्माण के लिए छह लाख रुपये मंजूर करने की भी घोषणा की। उन्होंने ग्राम पंचायत में पेयजल के लिए सोलर पंप की भी मंजूरी दी। उन्होंने गांव में थ्री फेस विद्युत कनेक्शन का भी आदेश अधिकारियों को दिया। इस मौके पर राजिम के विधायक संतोष उपाध्याय भी मौजूद थे।

उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह केड़ीआमा के ग्रामीण रायपुर आकर जनदर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री से मिले थे। उन्होंने सरपंच और अन्य ग्रामीणों की ओर से ग्राम पंचायत क्षेत्र की कुछ प्रमुख समस्याओं के बारे में ज्ञापन भी सौंपा था। ग्रामीणों का कहना था कि वहां के 46 में से 25 परिवार भूमिहीन है। किसानों की जमीन का सीमांकन जल्द करवाने की जरूरत है।

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