एक लड़की जो कटोरे में बिता रही अपनी जिंदगी

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नई दिल्‍ली। कांगो की रहने वाली रहमा हरुना ने कभी सोचा भी नहीं था कि उसे य‍ह दिन देखना पड़ेगा। लेकिन वह इस जिंदगी में भी खुश है। वह हर समय दर्द से दो चार होती रहती है। लेकिन उम्र के छह साल बाद ही उसकी जिंदगी से खुशी गायब हो गई।

रहमा हरुना

रहमा हरुना का दर्द

रहमा हरुना जब पैदा हुई तो उसके माता-पिता ने यह सोचा होगा कि उसकी जिंदगी में आने वाले दिन काफी कष्‍ट के हैं। रहमा जब छह महीने की थी तब वह अचानक बीमार पड़ गई। तभी एक ऐसा हादसा हुआ कि उसके माता-पिता के पैर से जमीन खिसक गई।

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रूक गया हाथ-पैर का विकास

रहमा को इतनी तेज बुखार चढ़ा कि उसको साइड इफेक्‍ट हो गया। अचानक उसके हाथ पैर का विकास रुक गया। आज रहमा का यह हाल है कि वह बिना हाथ पैर के एक कटोरे में अपना जीवन बिता रही है।

मां का दर्द

रहमा की मां फादी ने दर्द बयां करते हुए कहा कि जब रहमा छह महीने की थी और बैठने को सीख रही थी तभी यह हादसा हो गया। फिदा ने बताया कि रहमा उस समय ठीक से करवट लेना भी नहीं सीख पाई थी।

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