राजनाथ सिंह से नहीं मिलना चाहते कश्मीरी व्यापारी

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श्रीनगर| केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कश्मीर पहुंचकर कश्मीरियों के एक दल से मुलाकात की और समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों तथा शीर्ष अधिकारियों वाले इस समूह से उन्होंने कश्मीर में जारी हिंसा के मद्देनजर शांति स्थापित करने पर उनके सुझाव भी मांगे। हालांकि कश्मीरी कारोबारियों के अग्रणी संगठनों ने गृह मंत्री से मुलाकात करने से इनकार कर दिया।

राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह रविवार दोपहर तक कश्मीर में रुकेंगे

हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी की आठ जुलाई को भारतीय सुरक्षाबलों के हाथों हुई मौत के बाद से ही हिंसक विरोध प्रदर्शनों के दौर से गुजर रहे कश्मीर में शनिवार की सुबह पहुंचे राजनाथ सिंह रविवार दोपहर तक रुकेंगे। कश्मीर में बीते 15 दिनों से कर्फ्यू लगा हुआ है और इस दौरान हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों में 45 के करीब लोगों की मौत हो चुकी है।

कश्मीर घाटी के बड़े उद्योग संगठनों में शामिल कश्मीर ट्रेडर्स एंड मैन्युफैक्चर्स फेडरेशन (केटीएमएफ) का कहना है कि राजनाथ सिंह से मुलाकात निर्थक साबित होगी, क्योंकि यदि भारत सरकार कश्मीर मसला हल करना चाहती है तो उसे पाकिस्तान और कश्मीर के राजनीतिक प्रतिनिधियों से बातचीत करनी चाहिए।

केटीएमएफ के अध्यक्ष यासीन खान ने एक बयान जारी कर कहा, “हम कारोबारी हैं, भारत को हमसे बात करके भला क्या हासिल होगा। कश्मीर विवादित भूमि है, जिसे पूरी दुनिया मान चुकी है। हमारे असली प्रतिनिधि तो आजादी के लिए लड़ने वाले नेता हैं। भारत यदि कश्मीर मसले को हल करने को लेकर गंभीर है तो उसे पाकिस्तान और हमारे नेताओं से बात करनी चाहिए।”

अन्य उद्योग संगठनों में कश्मीर इकोनॉमिक अलायंस और कश्मीर चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने भी बीते 15 दिनों में 45 कश्मीरियों की मौत के विरोध में गृह मंत्री के साथ बातचीत का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, राजनाथ सिंह ने हालांकि मुख्यधारा की राजनीति के नेताओं वाले एक कश्मीरी समूह से मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने शीर्ष लोक एवं सुरक्षा अधिकारियों से भी मुलाकात की।

एक आधिकारिक वक्तव्य में कहा गया है, “गृह मंत्री ने 15 अलग-अलग प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की, जिसमें सिख समुदाय, कश्मीरी पंडित समुदाय, इमाम, फल उत्पादक, कारोबारी समूह, युवा, फूलों की खेती करने वाले और पर्यटन से जुड़े लोग शामिल थे।”

हालांकि इन बैठकों के दौरान गृह मंत्री की उनसे क्या बात हुई, इस बारे में कोई विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया। सूत्रों ने बताया कि गृह मंत्री ने सभी से कश्मीर में स्थिति को सामान्य बनाने के लिए सुझाव मांगे।

राजनाथ सिंह ने उनसे मिले सुझावों को नोट भी किया, जिसमें कश्मीर की आम जनता तक ‘विशेष राजनीतिक समाधान’ के साथ संपर्क स्थापित करना और देश के एकमात्र मुस्लिम बहुल राज्य में केंद्र या राज्य सरकार द्वारा जनसांख्यिकीय बदलाव करने की किसी भी तरह की साजिश न करने का आश्वासन शामिल है। इस दौरान वह गहन सुरक्षा घेरे वाले नेहरू गेस्ट हाउस में ठहरे हुए हैं तथा शनिवार को पथराव की छिटपुट घटना के बीच कश्मीर में शांति रही।

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