सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को लगाई फटकार, 6 दिन की जेल

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नई दिल्ली। हमेशा सबको हंसाने वाले बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव के चेहरे से मुस्कान गायब हो गई है। फर्जी एफिडेविट मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को राहत नहीं दी है। कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज करते हुए कहा कि उन्हें 6 दिन के लिए जेल जाना होगा। 2014 में हाई कोर्ट ने 10 दिन के लिए जेल भेजा था, लेकिन 4 दिन जेल में बिताने के बाद सज़ा स्थगित कर दी गई थी अभिनेता को यह सजा झूठा हलफनामा दायर करने के लिए 2013 में दी गई थी।

राजपाल यादव को कोर्ट ने लगाई जमकर फटकार

 

राजपाल यादव

 

25 जुलाई को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को जमकर फटकार लगाई थी। जस्टिस करियन जोसेफ और जस्टिस आरएफ नरीमन की बेंच ने कहा था, “आपने कोर्ट के साथ मनमानी की है। आप जैसे लोगों को जेल जाना चाहिए। आपने एक के बाद दूसरा हलफनामा दायर किया। फिर भी आपने पैसे का भुगतान नहीं किया। हम आपको कानून की महिमा दिखाएंगे। यह समझ से परे व्यवहार है। आपको तो 6 दिन नहीं 6 महीने के लिए जेल भेजा जाना चाहिए।”

राजपाल यादव पहले भी काट चुके हैं चार दिन की सज़ा

झूठा हलफनामा देने पर साल 2013 मे राजपाल यादव को 10 दिन कैद की सजा सुनाई गई थी। जिसमें से वो चार दिन की सजा पहले ही जेल मेंं काट चुके हैंं। जिसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट की खंडपीठ ने उनकी अपील पर सजा निलंबित कर दी थी। न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट और न्यायमूर्ति दीपा शर्मा की पीठ ने दिसंबर 2013 में एक न्यायाधीश की दी गई सजा बरकरार रखी और कहा कि प्रक्रिया का पालन करने में यादव की नाकामी को स्वीकारा नहीं जा सकता। उनको अपने आचरण के बारे में स्पष्टीकरण देने के लिए पर्याप्त समय दिये जाने के बावजूद वह झूठ पर कायम रहे।

झूठा हलफनामा दायर करने के लिए दी गई है सज़ा

पीठ ने कहा कि इस मामले का लंबा इतिहास बताता है कि बार बार शपथपत्र का उल्लंघन हुआ और जब यह पूछने के लिए उन्हें बुलाया गया कि कार्रवाई क्यों नहीं की जाए, अपीलकर्ता और उनकी पत्नी ने झूठ बोला और टालने वाले जवाब दिए जिसमें झूठे हलफनामे को सही ठहराना शामिल है। अभिनेता के खिलाफ अवमानना कार्रवाई एक कारोबारी की याचिका पर की थी। यादव और उनकी पत्नी के खिलाफ दायर वसूली वाद में अदालत को गुमराह करने पर शुरू की गई थी। एकल न्यायाधीश की पीठ ने यादव द्वारा दो दिसंबर 2013 को दायर हलफनामे पर आपत्ति जताई थी जो कथित रूप से झूठा तैयार किया गया था और इसमें उनकी पत्नी के जाली हस्ताक्षर थे।

फिल्म बनाने के लिए लिया था पांच करोड़ का लोन 

दिल्ली के व्यवसायी एमजी अग्रवाल ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी पर हाई कोर्ट मे पांच करोड़ रुपये का रिकवरी सूट दाखिल किया था। दंपती ने यह राशि वर्ष 2010 मे व्यवसायी से ली थी। बतौर निर्देशक फिल्म बनाने के लिए यह रकम ली गई थी, जिसे वह वापस नही लौटा सके थे।

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