पीडीएफ राज्यसभा सीट के लिए अड़ा

राज्यसभा सीटदेहरादून। उत्तराखंड के विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के दौरान पीडीएफ ने कांग्रेस का साथ दिया था। जिसके बाद अब राज्यसभा सीट के लिए पूरी तरह से अड़ गया है। पीडीएफ कोटे से काबीना मंत्री टिहरी विधायक दिनेश धनै ने आक्रामक तेवर जाहिर किए। बकौल धनै, पीडीएफ ने हर कदम पर कांग्रेस को संकट से बचाया है। इसलिए अब कांग्रेस का भी फर्ज बनता है कि वो भी रिश्ता निभाए।

राज्यसभा सीट को लेकर पीडीएफ ने बुलाई बैठक

पीडीएफ के ताजा रुख ने राज्यसभा जाने का ख्वाब देख रहे कांग्रेस के कई नेताओं की उम्मीदों को ग्रहण लगा दिया है। बताया जा रहा है कि राज्यसभा सीट के मुद्दे पर पीडीएफ अध्यक्ष मंत्रीप्रसाद नैथानी ने शनिवार को अपने यमुना कालोनी स्थित आवास में पीडीएफ की बैठक बुला ली है। धनै ने इसकी पुष्टि की और कहा कि पीडीएफ में दावेदारों की कमी नहीं है।

कांग्रेस में राज्यसभा के लिए स्थानीय प्रत्याशी के रूप में प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय और श्रीनगर विधायक गणेश गोदियाल के नाम जाहिर तौर पर चर्चा में है। सूत्रों के अनुसार किशोर जहां परोक्ष रूप से संगठन की आड़ में अपने समर्थन में हाईकमान और सीएम पर दबाव बनाए हुए हैं। वहीं गोदियाल भी शीर्ष नेतृत्व के दरबार में हाजिरी दे रहे हैं।

बता दें कि राज्यसभा सांसद चुनाव को लेकर भाजपा की नजर पीडीएफ पर है। प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट का कहना है कि प्रत्याशी को लेकर पीडीएफ दावेदारी कर रही है। ऐसे में यदि पीडीएफ किसी प्रत्याशी को मैदान में उतारती है तो ऐसे में कांग्रेस की मजबूरी होगी कि वह पीडीएफ का साथ दें वरना दोबारा संख्या बल का संकट खड़ा हो सकता है।

पीडीएफ को मिलाकर कांग्रेस के पास 33 विधायक हैं। ऐसे में यदि प्रत्याशी को लेकर पीडीएफ और कांग्रेस में कोई समझौता नहीं होता और इस मुद्दे को लेकर दोनों अलग अलग राह पकड़ते हैं तो इसका फायदा बीजेपी को मिल सकता है।

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