रायसीना डायलॉग के उद्घाटन पर पीएम मोदी ने पाकिस्तान को चेताया

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नई दिल्‍ली। पीएम मोदी ने दूसरे रायसीना डायलॉग के उद्घाटन के मौके पर बदलाव की बात कही। इसके साथ-साथ उन्‍होंने पाकिस्‍तान को भी निशाना बनाया। उन्‍होंने कहा कि मई 2014 में भारतीयों ने परिवर्तन के जनादेश के साथ हमारी सरकार को मौका दिया। अलग-अलग वजहों से दुनियाभर में बड़े बदलाव हो रहे हैं। दुनिया को भारत के सतत विकास की उतनी ही जरूरत है जितनी भारत को दुनिया की।

मोदी के चुनाव के खिलाफ याचिका

रायसीना डायलॉग के उद्घाटन पर पीएम मोदी का बयान

पीएम मोदी ने इस मौके पर कहा कि सबका साथ, सबका विकास केवल भारत के लिए नहीं है बल्कि पूरे विश्व के लिए है। हम भारत को आगे बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संबंधों को मजबूत करना चाहते हैं। नॉन स्टेट एक्टर्स द्वारा फैलाई जा रही चुनौतियों का हम सामना कर रहे हैं। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि दक्षिण एशिया में शांतिपूर्ण रिश्ते चाहिए।

पाकिस्तान के संयम

आतंकवाद को दूर करके हो पाकिस्‍तान से बात

पीएम ने कहा कि अगर पाकिस्तान भारत से बातचीत करना चाहता है तो उसे आतंकवाद से दूर चलना चाहिए. मैं खुद लाहौर गया, लेकिन भारत अकेला शांति के रास्ते पर नहीं चल सकता। पीएम ने कहा कि हम पड़ोसियों से अच्छे संबंध चाहते हैं। पिछले ढाई साल में हमने शांति के लिए काम किया है। अफगानिस्तान में इसकी मिसाल देखी जा सकती है। पीएम मोदी ने कहा कि पड़ोसियों से अच्छे संबंधों के लिए ही मैंने अपने शपथ-ग्रहण समारोह में सार्क देशों को न्योता भेजा था।

परमाणु आपूर्तिकर्ता समूहचीन के संबंधों पर भी बोले पीएम

चीन के साथ संबंधों पर पीएम ने कहा कि दो शक्तिशाली पड़ोसी देशों के बीच कुछ मतभेद होना अस्वाभाविक नहीं है। हम दोनों ही देशों को एक-दूसरे की मुख्य चिंताओं और हितों के प्रति संवेदनशीलता और सम्मान दिखाने की जरूरत है। मौजूदा अनुभव बताता है कि यह सदी एशिया की होगी।

मर्केल की शरणानार्थी नीतिडॉनल्‍ड ट्रंप से भी सहयोग की अपेक्षा

पीएम ने कहा कि हमने नए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी विकास के लिए सहयोग पर बात की है। रूस पर मोदी ने कहा कि वो भारत का एक स्थायी दोस्त है। राष्ट्रपति पुतिन और मैंने लंबी बातचीत की है। आतंक पर पीएम ने कहा कि जो भी हमारे पड़ोसी हिंसा, घृणा और आतंक को बढ़ावा दे रहे हैं, वे अलग और नजरअंदाज किए गए हैं। हम अच्छे और बुरे आतंकवाद में भेद खत्म करके इसे धर्म से अलग करना चाहते हैं।

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