राहुल गांधी ने दिखाई भाजपा-आरएसएस के दलित प्रेम की सच्चाई, कहा- दोनों दलितों के खिलाफ

नई दिल्ली: अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव के चलते कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी केंद्र की सत्तारूढ़ मोदी सरकार के खिलाफ लगातार हमला बोल रहे हैं। बीते शनिवार को जहां उन्होंने भ्रष्टाचार का आरोप झेल रहे भाजपा नेताओं को हथियार बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवालिया वार किये थे। वहीं इस बार उन्होंने भाजपा और आरएसएस द्वारा दलितों के प्रति दिखाई जा रही सवेंदना को नाटक करार दिया है।

दरअसल, शनिवार की तरह ही रविवार को भी राहुल गांधी ने एक वीडियो ट्वीट किया है जिसके साथ उन्होंने लिखा है कि चुनाव के लिए बीजेपी और आरएसएस दलित हितैषी बनने का नाटक कर रही है। लेकिन, असल में दोनों की विचारधारा दलितों और आदिवासियों को निचले पायदान पर रखने की है।

राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि केंद्र सरकार से लेकर आरएसएस और बीजेपी की फासीवादी विचारधारा यह है कि दलित और आदिवासी समाज के सबसे निचले पायदान पर ही बने रहें। इसके साथ वीडियो भी शेयर किया गया है जिसमें उन्होंने कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार येदियुरप्पा समेत नेताओं के विवादित बयानों का उल्लेख किया है।

राहुल गांधी के इस वीडियो में दिखाया गया है कि भाजपा ने दलितों के साथ किये गए भीषण छुआछूत और हिंसा की है। पीएम मोदी सबका साथ, सबका विकास का उपदेश देते हैं लेकिन देश में हर 12 मिनट में एक दलित के साथ क्रूरता की जाती है और प्रतिदिन छह दलित महिलाओं के साथ रेप होता है। दलितों को पीएम मोदी के कार्यकाल में असंख्य क्रूरता का सामना करना पड़ा है।

इस वीडियो में उस खबर का भी उल्लेख किया गया जिसमें येदियुरप्पा एक दलित के घर में लंच तो करते हैं लेकिन उनका खाना दलित की रसोई में नहीं बनता, बल्कि स्थानीय रेस्टोरेंट से मंगवाया जाता है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री अनंत हेगड़े के उस बयान को भी दिखाया गया है जिसमें वे बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर द्वारा लिखे गए संविधान को बदलने की बात करते नजर आ रहे हैं।

राहुल गांधी द्वारा शेयर किये गए वीडियो में मध्य प्रदेश में घटी उस घटना का भी जिक्र है जिसमें पुलिस भर्ती के दौरान दो दलित परीक्षार्थियों के सीने पर दलित लिख दिया गया था। मोदी सरकार के कार्यकाल में जाति के नाम पर हुई हत्या का भी उल्लेख है।

इस वीडियो में उत्तर प्रदेश में सीएम योगी आदित्यनाथ को भी दलित विरोधी बताया गया है। इसमें दिखाया गया है कि योगी के किसी दलित बस्ती में जाने से पहले कैसे दलितों को साबुन देकर नहाने को कहा जाता है। किस तरह यूपी के मंत्री दलितों के घर भोजन का दिखावा करने के लिए होटल का खाना दलितों के घर बैठकर खाते हैं।

इसी वीडियो में कहा गया है कि कैसे आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और दूसरे नेता आरक्षण खत्म करने की वकालत करते हैं। कुल मिलाकर राहुल गांधी ने इस वीडियो के जरिये कर्नाटक में बीजेपी के प्रचार अभियान को सुस्त करने की कोशिश की है।

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