‘सत्यमेव जयते – मोदी जी’, अब रोहित वेमुला की मां का ये बयान भी सुन लीजिए

0

नई दिल्ली लोकसभा में बीजेपी मंत्री स्मृति ईरानी ने जमकर विपक्ष पर निशाना साधा था। उन्होंने दलित छात्र रोहित वेमुला के आत्महत्या के मुद्दे पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को सीधे निशाने पर लिया और दस्‍तावेजों दिखाते हुए आरोपों का जवाब दिया था। जिसके बाद उनकी दी हुई स्पीच को पीएम मोदी ने ट्विटर पर पोस्ट पर उन्हें बधाई दी थी। इतना ही नहीं पीएम ने इसके साथ ही ‘सत्यमेव जयते’ भी लिखा था। इसके बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने उसी ट्वीट को लेकर पीएम पर निशाना साधा है। राहुल ने कहा कि ‘सत्यमेव जयते’ तो लिख दिया लेकिन उससे पहले रोहित वेमुला की मां का बयान तो सुने।

राहुल गांधी

राहुल गांधी ने मोदी पर निशाना साधा

ये भाषण उल्टा स्मृति ईरानी को महंगा पड़ गया था। क्योंकि जिन बातों को लेकर ईरानी ने आरोप लगाए थे वो गलत निकले थे। रोहित को इलाज करने वाले डॉक्टर ने स्मृति को गलत बताया था। यहां तक रोहित वेमुला की मां ने भी स्मृति की बातों को झूठ बताया था। जिसके बाद प्रधानमंत्री के ट्वीट की आलोचना करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मोदी उस दलित शोध छात्र रोहित वेमुला की मां की आवाज भी सुनें, जिसने आत्महत्या कर ली थी। राहुल ने ट्विटर पर लिखा, ‘सत्यमेव जयते, मोदीजी, रोहित वेमुला की मां के इन शब्दों को सुनिए। बता दें कि जिस त‍रह पीएम मोदी ने स्मृति ईरानी का वीडियो शेयर किया था उसी तरह राहुल गांधी ने भी वीडियो शेयर किया।

क्या बोलीं थी स्मृति लोकसभी में

लोकसभा में स्मृति गरजीं

हजारों छात्रों ने तेलंगाना राज्य के लिए आंदोलन किया, लेकिन राज्य ने उनके लिए क्या किया।

विपक्षी दल के नेताओं के लिए केन्द्रीय विद्यालयों में एडमिशन करवाए।

जवाब मांगने वाले एडमिशन करवाने के लिए पत्र लिखते हैं।

कांग्रेस की नीयत में खोट है।

कांग्रेस नेता नारायण स्वामी ने पत्र लिखा एडमिशन कराने के लिए।

ओवैसी ने मुझे खत लिखा, लेक्चरर का एप्वाइंटमेंट करा दीजिए।

मैं और ओवैसी राजनीति के दो छोर।

रोहित वेमूला की जांच के लिए बनी यूनविर्सिटी कमेटी कांग्रेस की सरकार में बनी।

उसमें दलित मेंबर को हमने जुड़वाया।

रोहित को निकालने वालों को कांग्रेस की सरकार ने चुना था।

हैदराबाद के सीमए  को फोन किया लेकिन जवाब में उन्होंने आज तक फोन नहीं किया।

रोहित की मौत के बाद यूनविर्सिटी में पुलिस शाम साढ़े सात बजे पहुंची, लड़के के हाथ में जो पत्र था, उस पर लिखा था कि मेरी मौत के लिए कोई भी जिम्मेदार नहीं।

उसे डॉक्टर के पास तक नहीं ले जाया गया, उसे अस्पताल नहीं ले जाया गया।

अगले दिन सुबह साढ़े छह बजे तक किसी डॉक्टर को नहीं बुलाया गया।

रोहित की मौत पर राजनीति हुई।

मुझे सूली पर चढ़ाया जा रहा है।

कोई वाइस चांसलर कहे कि मैंने भगवाकरण किया तो मैं राजनीति छोड़ दूंगी।

loading...
शेयर करें