भगवान शिव ने यहीं दिया था नारद मुनि को आर्शीवाद

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नई दिल्‍ली। देवभूमि उत्तराखंड में स्थित रुद्रप्रयाग अलंकनंदा नदी के पांच प्रयाग में से एक है। अलकनंदा और मंदाकिनी नदी यहां मिलती हैं। पवित्र स्थल केदारनाथ की यहां से दूरी महज 86 किलोमीटर है। हरिद्वार और ऋषिकेश रेलवे स्टेशन से रुद्रप्रयाग पहुंचा जा सकता है।

रुद्रप्रयाग

भगवान शिव से जुड़ा है रुद्रप्रयाग का नाम

कहा जाता है कि यहां भगवान शिव ने नारद को आशीर्वाद दिया था और रुद्र अवतार में प्रकट हुए थे। हिमालय के नजदीक होने की वजह से यह जगह काफी खूबसूरत दिखाई पड़ती है और पर्यटक भी यहां आते रहते हैं। यहां कई पवित्र मंदिर भी है जिसे देखने के लिए सालों भर भक्त पहुंचते हैं।

शिव और जगदंबा मंदिर प्रमुख

इनमें जगदंबा और शिव मंदिर प्रमुख हैं। इसके साथ-साथ अलकनंदा नदी के पास स्थित कोटेश्वर मंदिर भी श्रद्धालुओं के बीच काफी प्रसिद्ध है। दिल्ली के इस खूबसूरत जगह की दूरी करीब 357 किलोमीटर है।

2013 में आई थी आपदा

केदारनाथ के अलावा बद्रीनाथ जाने के लिए भी यहीं से रास्ता है। इसलिए यहां काफी संख्या में लोग आते रहते हैं। 2013 में उत्तरखंड में आई बाढ़ की वजह से इस जगह को काफी क्षति हुई थी। कई मकान और पुल ढह गए थे।

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