पुतिन बोले, मोदी जी – हम भारत के ऐसे दोस्त हैं जो खराब समय में भी साथ खड़े रहे

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नई दिल्ली अंतराष्ट्रीय लेवल पर भारत को दिन पर दिन मजबूती मिल रही है। भारत के रिश्ते हर बड़े देश के साथ और पक्के हो रहे हैं। अभी तक तो अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा और पीएम मोदी की दोस्ती की मिसाल दी जाती थी। इसी बीच अब रूस ने भी भारत की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाया है। भारत और रूस की दोस्ती के बीच रूस ने खुद को भारत का केवल एक व्यापारिक साझेदार ही नहीं, बल्कि एक ऐसा ‘मित्र’ बताया जिसने उसके सबसे बुरे दौर में भी उसका साथ दिया।

भारत और रूस की दोस्ती

भारत और रूस की दोस्ती पर पुतिन ने दिया बड़ा बयान

दूसरी परमाणु पनडुब्बी लीज पर देने सहित इस महीने 12 अरब डॉलर से अधिक के सौदे कर चुके रूस को भारत से और सौदे हासिल होने की उम्मीद है। रूस की नजर भारत की पी75-आई परियोजना पर है, जिसके तहत ‘एयर इंडेपेंडेंट प्रोपल्शन सिस्टम’ वाली छह पारंपरिक पनडुब्बियों का निर्माण होना है। इसके साथ ही रूस की नजर अगली पीढ़ी के विमानवाही पोत परियोजना के अलावा पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान को संयुक्त रूप से विकसित करने की परियोजना पर भी है।

रोस्टेक स्टेट कॉरपोरेशन के सीईओ सर्गेई चेम्जोव ने कहा, ‘हम न केवल सबसे कारगर हथियार और सबसे महत्वपूर्ण हथियारों की आपूर्ति करने को तैयार हैं, बल्कि हम अपनी अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी देना भी जारी रखेंगे।’ रोस्टेक स्टेट कॉरपोरेशन 700 उच्च तकनीक वाले असैन्य एवं सैन्य कंपनियों का एक समूह है। उन्होंने कहा, ‘रूस एक व्यापारिक साझेदार नहीं बल्कि एक मित्र और एक सहयोगी है। रूस भारत के साथ उसके सबसे खराब समय में भी खड़ा रहा। अगले वर्ष हम अपनी मित्रता के 70 वर्ष पूरे करेंगे। यह एक लंबा समय है।’ उन्होंने कहा कि रूस भारत के साथ तब भी खड़ा रहा जब 1998 परमाणु परीक्षण के बाद उस पर प्रतिबंध लगे थे।

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