रेल बजट 2016 : सीएम ने रेलमंत्री से मांगी कई परियोजनाएं

0

देहरादून। रेल बजट 2016 की उल्टी गिनती शुरु हो चुकी है। इस बीच सीएम हरीश रावत ने भी केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु को पत्र लिखकर रेल बजट 2016 में राज्य की रेल परियोजनाओं को शामिल करने का अनुरोध किया है। सीएम ने उत्तराखंड के सीमित संसाधन और महत्वपूर्ण सामरिक स्थिति को देखते हुए सामरिक महत्व की परियोजनाओं को आर्थिक मानदंड प्रक्रिया से भी मुक्त रखने की मांग की है। रेलमंत्री सुरेश प्रभु रेल बजट 2016 25 फरवरी को संसद में पेश करेंगे।

सीएम के मीडिया प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री हरीश रावत ने रेल मंत्री सुरेश प्रभु को लिखे पत्र में कहा है कि उत्तराखंड में आने वाले पर्यटक और तीर्थयात्रियों की संख्या इतनी ज्यादा है कि उनके लिए सड़क मार्ग पर्याप्त नहीं हो पा रहे। सामरिक दृष्टि से भी उत्तराखंड नेपाल और चीन सीमा से जुड़ा हुआ है। उत्तराखंड एक विशेष श्रेणी का राज्य होने और राजस्व की कमी के कारण रेलवे परियोजनाओं के व्यय में अंशदान देने में असमर्थ है। ऐसे में सामरिक महत्व की परियोजनाओं को आर्थिक मानदंड से मुक्त रखना जरूरी होगा।

ये भी पढ़ें – बजट सत्र : 25 को रेल और 29 फरवरी को आम बजट लाएगी मोदी सरकार

रेल बजट 2016 2

रेल बजट 2016 में पूर्व में हुई घोषणाओं को पूरा करने की मांग

इस पत्र में सीएम ने सहारनपुर-विकासनगर-देहरादून के नए रेल मार्ग के निर्माण को जरूरी बताया है। उन्होंने कहा कि सहारनपुर-देहरादून मार्ग का सर्वेक्षण कार्य पूरा हो चुका है। गैरसैंण को विकसित किया जा रहा है। ऐसे में वर्ष 2013-14 में स्वीकृत रामनगर-चौखुटिया रेलमार्ग पर जल्द कार्य किया जाए। इसी प्रकार राष्ट्रीय सामरिक दृष्टि से अहम ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को पूर्ण करने के लक्ष्य को भी त्वरित रूप से निर्धारित किया जाए। सामरिक दृष्टि से अहम टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन के निर्माण में भी जल्द से जल्द क्रियान्वयन होना जरूरी है।  किच्छा-खटीमा रेल लाइन को त्वरित गति से बनाया जाए। देवबंद-रुड़की रेल मार्ग के लिए भी जल्द कार्रवाई की जाए।

ये भी पढ़ें – मार्च के पहले हफ्ते में शुरू होगा उत्तराखंड बजट सत्र !

रेल बजट 2016 4

सीएम ने पत्र में ये भी लिखा है कि ऋषिकेश से डोईवाला तक नए रेल मार्ग के लिए बजट का अनुमोदन हो चुका है। इसका सर्वे भी पूरा हो चुका है। इस पर त्वरित कार्रवाई शुरु की जाए। रेल बजट में हरिद्वार-कोटद्वार-रामनगर डायरेक्ट लिंक बनाने की घोषणा भी की जा चुकी है। इसी प्रकार काशीपुर, नजीबाबाद वाया धामपुर रेलवे लाइन का सर्वे काम भी पूरा हो चुका है। इसके निर्माण होने से यह लिंक पूरा हो सकेगा।

रुड़की-पिरान कलियर, देहरादून-पुरोला, टनकपुर-जौलजीवी आदि नई रेल लाइनों के सर्वे की घोषणा बीते साल के रेल बजट में हो चुकी है। इन रेल मार्गो के निर्माण पर भी तत्काल कार्रवाई की सख्त जरूरत है। लालकुआं-मैलानी-टनकपुर-पीलीभीत-भोजीपुरा-बरेली सेक्शन के मीटर गेज को ब्रॉड गेज करने को रेल मंत्रालय द्वारा बीते वर्षो में स्वीकृति दी गयी है। इसके लिए जल्द पर्याप्त बजट की स्वीकृति जरूरी है।

ये भी पढ़ें – केंद्रीय बजट में जनता की राय होगी शामिल : संतोष गंगवार

रेल बजट 2016 3

सीएम रावत ने पत्र में इस बात का भी जिक्र किया है कि रामनगर से दिल्ली के लिए सीधी द्रुतगामी नॉन-स्टॉप रेलगाड़ी का चलाया जाना बेहद जरूरी है। दिल्ली से कोटद्वार जाने के लिए वाया नजीबाबाद रेल मार्ग निर्धारित किया जाए तो रेल यात्रियों के समय की काफी बचत होगी। रानीखेत एक्सप्रेस में रामनगर के लिए एक प्रथम एसी यान या आधा 1 ए कोच लगाने की जरूरत है। इसके अलावा  देहरादून और काठगोदाम से लखनऊ, वाराणसी, इलाहबाद के लिए एक दैनिक एक्सप्रेस रेल की सख्त जरूरत है जिससे यात्री सीधे इन तीर्थस्थलों तक पहुंच सकेंगे।

loading...
शेयर करें