लखनऊः निजी स्कूलों की जोर-जबरदस्ती के खिलाफ सड़कों पर उतरे वकील

लखनऊ। वैश्विक महामारी कोविड-19 के बीच निजी स्कूलों की जोर-जबरदस्ती व मनमानी के खिलाफ लखनऊ के दर्जनों वकील आज सड़क पर उतर आए हैं। तय कार्यक्रम के तहत मंगलवार दोपहर 12 बजे विधानसभा भवन के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने जा रहे वकीलों को हजरतगंज पहंुचने से पहले ही रोक दिया गया। भारी संख्या में तैनात लखनऊ पुलिस व पीएसी के जवानों ने वकीलों को परिवर्तन चौक चौराहा पर ही रोक लिया। जिसके बाद दर्जनों वकील सड़क पर ही बैठकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने लगे।

लखनऊ बार एसोसिएशन व लखनऊ सेंट्रल बार एसोसिएशन के इस संयुक्त प्रदर्शन को खत्म कराने का मोर्चा डीसीपी पश्चिम सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने संभाला। भारी पुलिस जवानों साथ पहुंचे DCP सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने पदाधिकारियों की हर मांग शासन तक पहुँचाने का आश्वासन दिया। जिसके बाद वकीलों ने डीसीपी को ज्ञापन देकर धरना प्रदर्शन खत्म कर दिया।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे वकीलों ने कहा कि वैश्विक संकट के इस दौर में निजी स्कूलों की फीस 40 से 50 फीस तक कम की जानी चाहिए। कोरोना संकट के चलते पिछले कई महीनों से सभी स्कूल, काॅलेज बंद हैं। शैक्षिक सत्र 2020-21 की पढ़ाई ऑनलाइन ही हो रही है। लाॅकडाउन और कोरोना संकट से बुरी तरह प्रभावित अभिभावकों से भारी-भरकम फीस वसूलना उचित नहीं है। वर्तमान परिस्थितियों में जब अधिकतर लोगों की नौकरियां और कारोबार लगभग खत्म हो गया तब निजी स्कूलों को अभिभावकों को भी फीस में राहत देनी चाहिए।

प्रदर्शन में लखनऊ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट जीएन शुक्ला (चच्चू), महामंत्री जितेन्द्र सिंह यादव (जीतू), वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजीत कुमार दीक्षित, उपाध्यक्ष आदेश कुमार, संगीत शुक्ला, कनिष्ठ उपाध्यक्ष सौरभ सिंह, संयुक्त मंत्री ज्योतीन्द्र द्विवेदी, राम मिलन यादव, संजीव कुमार लोधी, कोषाध्यक्ष आदर्श मिश्रा, कार्यकारिणी सदस्य संजय कुमार पाठक, आलोक तिवारी, कमल किशोर यादव सहित दर्जनों वकील शामिल रहे।

इसी तरह लखनऊ सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आदेश कुमार सिंह, महामंत्री संजीव पांडेय, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सबीर अहमद, धु्रव कुमार सिंह, अमरेश पाल सिंह, विकास श्रीवास्तव (वीकू), नीरज कुमार यादव, गोवर्धन लाल गुप्ता, अनिल कुमार मिश्रा सहित दर्जनों अधिवक्ता प्रदर्शन में शामिल रहे।

इससे पहले सोमवार शाम को लखनऊ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आदेश कुमार व महामंत्री संजीत पांडेय ने प्रेस वार्ता कर मंगलवार दोपहर 12 बजे विधानसभा भवन के बाहर प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। जिसे मंगलवार को लखनऊ सेंट्रल बार एसोसिएशन ने अपना समर्थन दे दिया। जिसके बाद मंगलवार को अदालत में तालाबंदी रही। प्रदर्शन कर रहे वकीलों कहना है कि अभिभावकों को फीस में छूट दिलाने के लिए प्रदेश सरकार को उचित और सख्त कदम उठाने की जरूरत है। क्योंकि सरकार के निर्देश के बावजूद कई निजी स्कूल अभिभावकों से पूरी फीस वसूलने का दबाव बनान रहे हैं। विरोध करने पर बच्चों का भविष्य खराब करने का भय दिखाया जा रहा है।

वकीलों के इस ऐलान के बाद से ही लखनऊ पुलिस सक्रिय हो गयी थी। देर रात तक प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस अफसरों ने बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों से मुलाकात कर धरना प्रदर्शन टलवाने का प्रयास किया। देर रात तक चली मान-मनौव्वल के बाद भी बात न बनने पर मंगलवार सुबह से ही हजरतगंज व विधान सभा भवन के आस-पास भारी संख्या में पुलिस व पीएसी को तैनात किया गया है।

विधान भवन पर महिला व पुरुष सिपाही के साथ पुलिस अधिकारियों का कड़ा पहरा रखा गया है। सूत्रों के अनुसार प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस ने सेंट्रल बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के घर पर डेरा जमाया हुआ है।

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