लखनऊ में नरेंद्र मोदी बोले- गुरु पीछे, गूगल गुरु नंबर वन

0

लखनऊ। लखनऊ में नरेंद्र मोदी शुक्रवार को स्‍टूडेंट्स के बीच पहुंचे तो शिक्षा, करियर जैसे विषयों पर दिल खोल कर बात की।बीबीएयू दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि अब गुरू पीछे हो गए हैं, गूगल गुरू नंबर वन बन गए हैं। अब कक्षाओं में गुरूओं से नहीं पूछा जाता है। ज्ञान किताबों से आता है ऐसा नहीं है। इन्‍फारमेंशन का युग है जिसके पास ज्‍यादा इनफारमेंशन है वह ज्‍यादा शक्तिशाली माना जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र माेदी शुक्रवार को यहां लखनऊ में बीबीएयू के दीक्षांत समारोह में बोल रहे थे। हालांकि लखनऊ में नरेंद्र मोदी के बीबीएयू कार्यक्रम में कुछ छात्रों ने ‘मोदी गो बैक, गो बैक’ नारे लगाकर उनका विरोध भी किया।

लखनऊ में नरेंद्र मोदी

लखनऊ में नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि बाबा साहब अम्‍बेडकर ने इस देश को बहुत कुछ दिया। बाबा साहब शिक्षा के प्रति समर्पित थे। जीवन में संघर्ष से निकलने का नाम भी शिक्षा है। शिक्षित बनो संघर्ष बनो। संघर्ष भी अपने साथ और अपनेे आसपास भी करना होता है लेकिन तब संभव होता है जब हम शिक्षित हों। अपने आप को प्रकाशित करो जीवन स्‍वप्रकाश की तरह स्‍वंप्रकाशित हो और उसका मार्ग भी शिक्षा से गुजरता है । उन्‍होंने कहा कि युग युगांतर से प्रभाव पैदा करने वाला व्‍यक्ति थे अम्‍बेडकर जिनको समझना हमारी समझ से परे है।

बीबीएयू दीक्षांत समारोह में मोदी ने कहा कि अम्‍बेडकर का ना पारिवारिक बैकग्राउंड था। उनके जीवन में संकट अपरम्‍पार थे थे। इस महापुरष के अंदर वो तड़प थी। उन्‍होंने राह चुनी संकट से मुकाबला करने की। सारे अवरोधों को पार करके अपने अंदर की शक्ति को क्षीण नहीं होने दिया। वह संविधान के निर्माता ही नहीं अमेरिका में पहले भारतीय थे जिन्‍होंने अर्थशास्‍त्र में पीएचडी की। उनके सामने हर जगह सारी संभावनाएं थी। वह सुख के लिए जी सकते थे लेकिन सबकुछ पाने के बाद भी उन्‍होंने  जीवनकाल में गरीब शोषित और वंचित के लिए काम किया।

 

loading...
शेयर करें