लड़कियों ने कहा हमें छेड़ो वरना फंसा देंगे रेप में

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लखनऊ।लड़कियों की छेड़छाड़ पड़ गयी कैसे उन्हीं को भारी। लड़कियों के गिरोह में फंस गये लड़के की कैसे बची जान। मामला वाराणसी का है। मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी इस समय वीआईपी सिटी में शुमार हो चुका है, तीर्थ की राजधानी तो वह पहले से था। लिहाजा यहां प्रतिदिन लाख से ऊपर ही लोग आते हैं। ऐसा नहीं है कि यहां अपराध नहीं होते लेकिन धार्मिक नगरी होने के नाते यहां आने वाले लोगों को लोग सम्मान की नजर से देखते हैं। क्योंकि वाराणसी का सारा उद्योग तीर्थयात्रियों पर निर्भर है, लेकिन यहां भी लड़कियों की छेड़छाड़ की एक ऐसी घटना हो गयी जो शायद आपने अब तक न सुनी हो।

लड़कियों की छेड़छाड़

लड़कियों की छेड़छाड़ की कहानी

वाराणसी डीजल लोकोमोटिव वर्क्स (डीएलडब्ल्यू) में काम करने के बाद के बाद एक 26 साल का नवयुवक दीपेश पांडे जव अपने घर जा रहा था तो निकटवर्ती सूर्य सरोवर के पास मौजूद सात लड़कियों ने उसे रोका। रास्ता पूछ रही होंगी यह सोच कर दीपेश रुक गया। लेकिन ये क्या इसके बाद तो कल्पनातीत हुआ।

कैसे शुरू हुई लड़कियों की छेड़छाड़

लड़कियों ने कहा हमें छेड़ो। दीपेश ने मना किया तो सातों लड़कियों ने धमकाते हुए कहा कि हमें छेड़ो वरना अभी हम शोर मचा देंगे। और तुम पर तरह तरह के आरोप लगा देंगे। पुलिस को बुला कर बंद करा देंगे। दीपेश को यह सब सुनकर झटका लगा। उसने दायें बायें मदद की आस में नजर दौड़ायी तो उसे डीरेका पुलिस चौकी नजर आयी। वह मोटर साइकिल छोड़ कर भागा।

लड़कियों की छेड़छाड़ की कहानी सिपाहियों को सुनायी

चौकी में मौजूद सिपाहियों को इस युवक ने जब लड़कियों की छेड़छाड़ का वाकया बताया पहले तो सबने मजाक में लिया। किसी को विश्वास ही नहीं हो रहा था कि ऐसा भी हो सकता है। लेकिन उसकी हालत देख कर पुलिस ने चलो देख लेते हैं के अंदाज में मौके पर गयी तो सातों लड़कियां मिल गयीं। सातों लड़कियों को पुलिस चौकी पर लाया गया। यह लड़कियां राजस्थान के मारवाड़ की रहने वाली हैं। दीपेश की तहरीर के आधार पर पुलिस टीम इनसे पूछताछ कर रही है। अभी यह पता नहीं चल सका है कि लड़कियों की मंशा क्या थी और क्यों उन्होंने यह हरकत की।

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