उत्तराखंड के इस बाप-बेटे ने रचा इतिहास, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज

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देहरादून। एक बाप-बेटे ने उत्तराखंड का नाम रोशन कर दिया। इन दोनों ने ऐसा इतिहास रच डाला है। जिसके बाद दोनों का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है। पिता बीएसएफ से रिटायर्ड मनमोहन भारद्वाज और बेटा माधव भारद्वाज दून स्कूल के 12वीं के छात्र का छात्र है।

लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड

लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज कराया नाम

देहरादून स्कूल के 12वीं के छात्र माधव भारद्वाज और उनके पिता बीएसएफ से रिटायर्ड मनमोहन भारद्वाज ने रेगिस्तान में पैदल चलने में इतिहास रचा है। दोनों ने 305.17 किलोमीटर का थार मरुस्थल पैदल चलकर पार करने में रिकॉर्ड बनाया है। इस कामयाबी पर उनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है। गाजियाबाद निवासी मनमोहन भारद्वाज बीएसएफ से रिटायर्ड हैं।

305.17 किमी पैदल चलकर पार किया रेगिस्तान

माधव भारद्वाज और उनके पिता मनमोहन भारद्वाज ने 26 मार्च से तीन अप्रैल 2016 के बीच थार मरुस्थल में 305.17 (बीकानेर से जैसलमेर) किलोमीटर का रास्ता पैदल पार करने का इतिहास रचा है।

बता दें कि इससे पहले बाइक के इस दीवाने ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। नैनीताल के गौरव ने अपनी बाइक से 1.20 लाख किमी का सफ़र पूरा किया था। ऐसा करने वाले ये दुनिया के पहले व्यक्ति बन गए।

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