लेखपाल भर्ती परीक्षा के परिणामों को रोकने का कारण बताये उत्तर प्रदेश सरकार

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि राज्य में नियुक्ति प्रक्रियाओं में उठते सवालों के बीच लेखपाल भर्ती परीक्षा के परिणामों का घोषित न होना प्रकट करता है कि सरकार की कथनी और करनी में विभेद है।

प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि लेखपाल भर्ती परीक्षा के परिणाम 10 और 14 दिसम्बर को मिल जाने के बावजूद क्यों रोके गये ? उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह खड़े करते हुए कहा कि लचर प्रशासनिक व्यवस्था और मुख्यमंत्री के घटते इकबाल के कारण राज्य में व्यवस्थाओं का अनुपालन नहीं हो पा रहा है। राजनैतिक दबाव और उगाही के चक्कर में रिजल्ट घोषित किये जाने में विलम्ब किया जा रहा है।

श्री पाठक ने कहा कि लेखपाल भर्ती को लेकर पहले दिन से सवाल खड़े है, पहले तो भर्ती में साक्षात्कार के अंको को 10 से बढ़ाकर 20 अंक कर दिये गये। परीक्षा के लिए टीसीएस से परीक्षा कराने की बात कही गयी, अब परीक्षा के परिणाम जब टीसीएस ने सौंप दिये तो परिणामों की घोषणा में मोल-भाव हो रहा है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था की बात करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की जानकारी में क्या ये तथ्य नहीं है, और जब उनकी जानकारी में है तो फिर ऐसा कैसे हो रहा है कि जिलाधिकारीगण परिणाम नहीं जारी कर रहे है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि परिणाम मिलने के बावजूद परिणाम क्यों रोके गये? इसकी जांच कराते हुए अनावश्यक रूप से रोकने वाले अधिकारियों के विरूद्ध कठोर दण्डनात्मक कार्यवाही की जाये।

 

 

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