मैंने गालियां तक सुनीं, पीएम कुछ नहीं सुनना चाहते

1

नई दिल्ली। लोकसभा में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी मंगलवार को केन्द्र सरकार पर जमकर बरसें। उन्होंने कहा कि गांधी हमारे हैं और वीर सावरकर आपके। क्या मैंने गलत कहा। क्या आपने सावरकर को उठा कर फेंक दिया। अगर आपने ऐसा किया तो बहुत अच्छा किया। लोकसभा में राहुल गांधी ने जेएनयू मुद्दे पर कहा, ‘जेएनयू के 60 फीसदी छात्र पिछड़ी, दलित जातियों से आए हैं। इनमें से 40 फीसदी के परिवार की आय छह हजार रुपए तक है।’ लोकसभा में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार जेएनयू या रोहित वेमूला के खिलाफ इसलिए है, क्योंकि ये लोग गरीब हैं। सरकार गरीबों के साथ नहीं है। सरकार दलिताें और पिछड़ी जातियों के साथ नहीं है।

लोकसभा में राहुल गांधी

लोकसभा में राहुल गांधी का हमला

लोकसभा में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया। उन्होंने पूछा, ‘जब जेएनयू के छात्रों और टीचर्स को पीटा गया तो आपने सवाल क्यों नहीं उठाया।’ राहुल ने कहा, ‘आपने रोहित वेमूला की मौत के बाद उसकी मां से बात करना तक मुनासिब नहीं समझा।’ बता दें कि कोर्ट परिसर में जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष और देशद्रोह में गिरफ्तार कन्हैया कुमार को पीटा गया था। राहुल ने कहा कि रो‍हित ने सरकार के खिलाफ आवाज उठाई थी, जिसके सजा उसे मिली।

राहुल ने कहा कि मेक इन इंडिया में बब्बर शेर ही दिखता है, रोजगार नहीं दिखता। मोदी ने 70 रुपए किलो दाल दिलाने का वादा किया था, अाज इसकी कीमत 200 रुपए है। कालेधन पर भी राहुल गांधी गरजे। कहा, ‘मोदी जी ने फेयर एण्ड लवली स्कीम चलाई, इससे काला धन सफेद बनाकर देश में लाया जा रहा है।’

लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा, ‘माेदी सरकार ने मनरेगा कि बुराई की, फिर उसी के लिए सबसे ज्यादा पैसा दिया।’ उन्होंने कहा, ‘जेएनयू में एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने मुझे गालियां दी, लेकिन मैंने नाराजगी नहीं जताई।’ उन्होंने कन्हैया के पक्ष में भी संसद में अपनी बात रखी। राहुल ने कहा, ‘कन्हैया ने एक बार भी देशद्राेह के नारे नहीं लगाए। मैंने असली वीडियो देखा। लेकिन सरकार ने उस पर निशाना साध दिया।’ राहुल ने कहा, ‘प्रधानमंत्री देश में किसी की बात नहीं सुनते। जो उनका विरोध करता है, वह उनकी सुनना ही नहीं चाहते। उन्हें याद रखना चाहिए कि पीएम देश नहीं और देश पीएम नहीं है।’ राहुल ने कहा कि देश पीएम से बहुत कुछ कहना चाहता है।

राहुल ने कहा कि मुंबई हमले के पीछे पाकिस्तान का हा‍थ था। यह बात सभी जानते हैं। आतंकियों ने दाे सौ लोगों को मार डाला। प्रधानमंत्री को सख्त रुख अपनाना चाहिए था, लेकिन उन्होंने पीएम मोदी के साथ उनके ही घर पर चाय पीकर सारी कोशिशें बेकार कर दीं। उन्होंने सवाल उठाया, ‘पाकिस्तान में चाय पीकर क्या मोदी ने आतंकी हमले में मरने वालों की बेइज्जती नहीं की। सुरक्षा एजेंसियों की बेइज्जती नहीं की।’ उन्होंने कहा कि तिरंगे का अपमान तो प्रधानमंत्री ने किया।

loading...
शेयर करें

1 टिप्पणी