बड़ा फैसला : अब किसानों की क्षमता व हैसियत देखकर ही बैंक देंगे लोन

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देहरादून। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. धन सिंह रावत ने किसानों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से उत्तराखंड में किसानों द्वारा आत्महत्या के मामले बढ़ गए हैं। किसान लगातार बढ़ते कर्ज के कारण आत्महत्या कर रहे हैं। ऐसे में रावत का कहना है कि राज्य सरकार जल्द ही किसानों को लोन देने के मानकों में संशोधन करेगी। इसका मतलब कि अब किसानों को उनकी क्षमता व हैसियत देखकर ही लोन दिया जाएगा ताकि किसान समय से लोन दे सके।

लोन

लोन के चक्कर में किसान कर रहे थे खुदखुशी

इसी क्रम में राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सभी सहकारी बैंकों को किसानों के लिए ऋण लेने की सीमा तय करने के निर्देश दे दिए हैं। साथ ही, जिन-जिन किसानों ने एक से अधिक बैंकों से लोन लिए हैं उनकी भी पूरी रिपोर्ट निबंधक सहकारिता प्रमुख मुख्य सचिव कृषि रणबीर सिंह को उपलब्ध कराएंगे।

प्रदेश में किसानों की लगातार आत्महत्या के मामलों को लेकर की गई जांच में यह बात सामने आई है कि किसानों को उनके पैसे वापस करने की क्षमता के हिसाब से अधिक ऋण दिया गया। इसमें अधिकारियों व कर्मचारियों की संलिप्तता की आशंका भी जताई गई है।

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डॉ. धन सिंह रावत ने किसानों की आत्महत्याओं को रोकने के लिए ही ऐसा कदम उठाया है। बताते चलें, सबसे पहले पिथौरागढ़ जिले में कर्ज की वजह से एक किसान ने आत्महत्या कर ली थी। इसी क्रम में कंचनपुरी गांव में भी कर्ज की वजह से एक किसान ने आत्महत्या कर ली। दोनों ही किसान कर्ज तले इतने दब गए कि उन्होंने अपनी जान को खत्म करना ठीक समझा। अब आगे ऐसा न हो इसके लिए सरकार नए कदम उठा रही है।

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