वक्फ बोर्ड को नहीं मिला शाहजहां के हस्ताक्षर वाला दस्तावेज, कोर्ट ने कहा- समय बर्बाद न करें

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नई दिल्ली। विगत कई दिनों से सुन्नी वक्फ बोर्ड और आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) के बीच विवाद चल रहा है। इन दोनों के बीच यह विवाद ताजमहल के मालिकाना हक को लेकर है। वक्फ बोर्ड ने कोर्ट में दावा किया था मरने से पहले शाहजहां ताजमहल उनके नाम कर गए थे। इस पर कोर्ट ने उसे शाहजहां के दस्तखत वाले दस्तावेज पेश करने को कहा था। जिस पर आज सुनवाई के दौरान बोर्ड वह दस्तावेज पेश नहीं कर सका। इस पर चीफ जस्टिस ने बोर्ड को फटकार लगाए हुए कहा है कि वो अदालत का समय बर्बाद न करें।

अपने बयान से पलटा वक्फ बोर्ड, कहा- ताजमहल खुदा की संपत्ति
कोर्ट की पिछली सुनवाई पर ताजमहल पर अपना दावा करने वाला वक्फ बोर्ड इस सुनवाई में अपने बयान से पलट गया। आज हुई सुनवाई में बोर्ड ने कहा कि ताजमहल खुदा की संपत्ति है। बोर्ड के अनुसार जब कोई संपत्ति वक्फ बोर्ड को दी जाती है तो वह खुदा की संपत्ति बन जाती है।

वक्फ बोर्ड ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने कहा कि उसे ताजमहल को एएसआई की देख-रेख में बनाए रखने में कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन बोर्ड का यहां नमाज और उर्स जारी रखने का अधिकार बरकरार रहे।

हालांकि बोर्ड ने कोर्ट में एक बार फिर दावा किया कि ताजमहल पर उसका अधिकार है। वहीं एएसआई ने इसके लिए समय मांगा है। मामले पर अगली सुनवाई की तारीख 27 जुलाई निर्धारित की गई है।

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