जानिए वसंत पंचमी पर पीले रंग का महत्व, आज के दिन ऐसे करें मां सरस्वती की पूजा

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नई दिल्ली। देश भर में आज धूमधाम से वसंत पंचमी का त्योहार मनाया जा रहा है। इस दिन सरस्वती मां की पूजा की जाती है। मां सरस्वती बुद्धि, संगीत, ज्ञान की देवी मानी जाती हैं। आज के दिन पीले रंग का बहुत महत्व होता है। हिन्दू धर्म में पीले रंग को शुभ माना गया है।

वसंत पंचमी

वसंत पंचमी के दिन पीले रंग के कपड़े पहनकर मां सरस्वती की पूजा करते हैं

वसंत पंचमी को श्री पंचमी और ज्ञान पंचमी भी कहते हैं।आज के दिन पीले कपड़े पहनकर मां सरस्वती की पूजा की जाती है। घरों, मंदिरों के साथ-साथ स्कूलों में विशेष रूप से इस त्योहार को मनाया जाता है। क्योंकि स्कूल को ज्ञान का मंदिर माना जाता है। वसंत पंचमी के दिन स्कूलों में गायन-वादन के साथ अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होते हैं। टीचर और बच्चे सभी पीले रंग के कपड़े पहनकर सरस्वती मां की पूजा करते हैं और फिर पीले रंग का प्रसाद जैसे लड्डू या बूंदी को बांटकर खाते हैं।

पूजा करने का ये है शुभ मुहूर्थ

बसंत पंचमी 31 जनवरी को रात 3 बजकर 26 मिनट से शुरू हो जाएगी जो 1 फरवरी यानी आज रात 1 बजकर 51 मिनट तक रहेगी। इसलिए 1 फरवरी को केवल 12 बजे से लेकर 1 बजकर 30 मिनट तक का समय जो राहुकाल है, उस समय को छोड़कर पूरा दिन शुभ कार्यों के लिए विशेष लाभकारी रहेगा। आज ही के दिन उत्तरा भाद्र नक्षत्र भी है। सुबह 7:51 तक शिव योग और उसके बाद सिद्ध योग मिलेगा। यह विशेष योग, साधना और श्रेष्ठ कार्य के लिए शुभ रहेंगे।

क्या है पीले रंग का महत्व

वसंत पंचमी के दिन पीले रंग का खास महत्व है। दरअसल, वसंत ऋतु में सरसों की फसल की वजह से धरती पीली नजर आती है। इसे ध्यान में रखकर इस दिन लोग पीले रंग के कपड़े पहनकर वसंत पंचमी का स्वागत करते हैं। वसंत पंचमी में सूर्य उत्तरायण होता है, जो यह संदेश देता है कि हमें सूर्य की तरह गंभीर और प्रखर बनना चाहिए। सभी ऋतुओं में वसंत ही ऐसी ऋतु है जिसमें सभी ऋतुओं की अपेक्षा धरती की उर्वरा शक्ति बढ़ती है। इस दौरान फसल पकती है। पेड़-पौधों में नई कोपलें फूटती हैं।

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