इलाहाबाद में नहीं चलेंगे विक्रम टेम्पो

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इलाहाबाद। शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए जल्द ही विक्रम संचालन पर रोक लगने जा रही है। जिला प्रशासन हर हाल में शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए इस दिशा में सक्रिय भी हो चुका है।

विक्रम

विक्रम पर तत्काल रोक की जरूरत

प्रशासन का मानना है कि सिर्फ पॉलीथिन पर रोक के फरमान से प्रदूषण कम होने वाला नहीं है। इसके लिए सबसे जरूरी यह है कि शहर की सड़कों से जहरीला धुंआ उगलती टैक्सियों (विक्रम) पर तत्काल रोक लगाई जाए।

खतरनाक तरीके से वायु प्रदूषण बढ़ रहा है

इलाहाबाद जंक्शन से रामबाग, दारागंज, बाई का बाग, नूरुल्ला रोड, तेलियरगंज, गोविंदपुर से कचहरी, सिविल लाइंस आदि क्षेत्रों में दौड़ते विक्रमों से बेतहाशा धुंआ निकलता है। जंक्शन से जॉनसेनगंज चौराहा, विवेकानंद मार्ग होकर रामबाग और बहादुरगंज, जीटी रोड की ओर जाने वाले विक्रम और ऑटो के कारण वहां पूरे दिन काला धुंध छायी रहती है।

बढ़ रहे हैं मरीज

खतरनाक स्तर तक बढ़ चुके वायु प्रदूषण से तमाम तरीके के रोग उत्पन्न हो रहे हैं। खासकर इस मौसम में सांस के मरीजों की संख्या काफी बढ़ गयी है, आँख की तकलीफ भी बढ़ी है। क्योंकि ठंड के चलते जहरीला धुंआ ज्यादा ऊपर नहीं जा पाता है और नाक मुंह से लोगों के फेफड़ों को खोखला कर रहा है।

बढ़ेगी आने जाने की समस्या
50 से 60 हजार लोग इन्हीं विक्रम और ऑटो पर निर्भर हैं। यदि रोक लगती है तो आने जाने के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था बनेगी इस पर विचार किया जाना जरूरी है। क्योंकि शहर की सड़कों पर लोकल परिवहन के रूप में सबसे ज्यादा आटो का प्रयोग किया जाता है।

5000 लोग हो जाएंगे बेरोजगार

आंकड़ों के मुताबिक इलाहाबाद में 2300 विक्रम और 2700 ऑटो दौड़ रहे हैं। जिन्हें करीब पांच हजार लोग चला रहे हैं। रोक लगी तो इनकी आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा।

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