इस आर्मी अफसर को जानकर आप भी कहेंगे ‘वाह क्या बात है’

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देहरादून। जिस देश में भारत माता की जय बोलने पर भी बहस होती हो। उसी देश में कुछ लोग ऐसे हैं जो अपनी अलग पहचान रखते हैं। ऐसे ही एक शख्स का नाम है विजेन्दर। विजेन्दर एक रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर हैं। जो अब एक बैंक एटीम की सिक्योरिटी गार्ड बनकर बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं।

सिक्योरिटी गार्ड विजेन्दर बच्चों के टीचर बने

विजेन्दर

अपनी नौकरी के दौरान देश की सेवा करने वाले विजेन्दर आज भी देश की सेवा में ही लगे हुए हैं। अब वो उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में इलाहाबाद बैंक एटीएम के सिक्योरिटी गार्ड बन गए हैं।

सिक्योरिटी गार्ड बनना विजेन्दर की पुरानी शान से मेल नहीं खाता है। लेकिन ये सब उन्होंने अपने जुनून के लिए किया है। दरअसल विजेन्दर यहां नौकरी करके उन बच्चों की जिंदगी में शिक्षा की रौशनी लाना चाहते हैं जो अपने हालात के कारण पढ़ नहीं पाते।

विजेन्दर 1

विजेन्दर अपने एटीएम के बाहर ही इन बाल मजदूर और अनाथ बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं और वो भी एक दम फ्री। दिन भर एटीएम पर काम करने के बाद शाम को वे उनकी क्लास लगाते हैं। सभी बच्चों को इकट्ठा करते हैं और उनको पढ़ाते हैं।

सिक्योरिटी गार्ड विजेन्दर के साथ पढ़ने के लिए इस वक्त तकरीबन 25 बच्चे आने लगे हैं। इनमें से ज्यादातर बच्चे ऐसे हैं जिनके मां-बाप गुजर चुके हैं और वो बाल मजदूरी करके अपना जीवन चला रहे हैं। इन सभी बच्चों को विजेन्दर अपनी बैंक के एटीएम के बाहर ही पढ़ाते हैं।

विजेन्दर 2

एटीएम की हल्की फुल्की लाइट में बच्चों को पढ़ाने वाले पूर्व आर्मी ऑफिसर का कहना है कि वे चाहते हैं कि इन बच्चों की जिंदगी में शिक्षा की रौशनी हो। उनका कहना है कि शिक्षा पाकर ये बच्चे अच्छा कमा सकते हैं और बेहतर जॉब हासिल कर सकते हैं।

वो इस बच्चों को लेकर कितना संजीदा है इसका अंदाजा केवल इसी बात से लगाया जा सकता है कि वो अपने इस नेक काम का कतई कोई प्रचार नहीं चाहते हैं। वो केवल इतना चाहते हैं कि शिक्षित हो कर ये बच्चे अपने लिए एक खास मुकाम हासिल करें।

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