‘शक्तिमान’ के गुनाहगार विधायक गणेश जोशी को जमानत

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देहरादून। ‘शक्तिमान’ के गुनाहगार विधायक गणेश जोशी को जमानत मिल गई है। होली के एक दिन पहले जमानत मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। शक्तिमान घोड़े की टांग तोड़ने और सरकारी कर्मचारियों से अभद्रता के आरोप में 18 मार्च को उन्हें जेल भेज दिया गया था। मंगलवार दोपहर बाद तीन बजे जैसे ही सेशन कोर्ट से विधायक गणेश जोशी को जमानत मिली, उनके समर्थक खुशी से झूठ उठे। देर शाम समर्थक विधायक गणेश जोशी को लेने सुद्धोवाला पहुंच गए।

विधायक गणेश जोशी को जमानत

विधायक गणेश जोशी को जमानत से मिली राहत

मसूरी विधायक गणेश जोशी को सेशन कोर्ट ने दो जमानतियों और 25 हजार के मुचलके पर जमानत दी। सीनियर एडवोकेट संजीव शर्मा ने बताया कि शनिवार को निचली अदालत से विधायक जोशी की जमानत खारिज होने के बाद सोमवार को सेशन कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की गई थी। सोमवार को कोर्ट ने अर्जी को स्वीकार करते हुए सुनवाई के लिए मंगलवार का दिन तय किया था। मंगलवार को बचाव पक्ष की ओर से तमाम दलीलें सुनने के बाद जज ने जोशी की जमानत मंजूर कर दी।

बीते 13-14 मार्च को देहरादून में भाजपा ने विधानसभा घेराव किया था। यहां भाजपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा उबाल पर था। लेकिन सबसे ज्यादा गुस्सा भाजपा के मसूरी विधायक गणेश जोशी ने दिखाया। भाजपा के गुस्से को शांत करने के लिए मौके पर पुलिस जमा थी। आरोप है कि इस बात से भाजपा विधायक गणेश जोशी को इतना गुस्सा आया कि उन्होंने शक्तिमान घोड़े पर लाठियां बरसा दीं।

विधायक ने पुलिस के चहेते घोड़े शक्तिमान के पैरों पर इतनी लाठियां बरसाईं कि उसका पैर ही टूट गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मौत से बचाने के लिए शक्तिमान का पैर काटना पड़ा। इस मामले में देशभर की राजनीति में तूफान ला दिया था। अब हालात यह हैं‍ कि अंदरुनी गुटबाजी के कारण कांग्रेस सरकार को 28 मार्च तक बहुमत साबित करना है। हालांकि बाद में शक्तिमान को कत्रिम पैर लगाए गए थे।

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