जिस द्वीप को घोषित किया विश्व धरोहर, वहां फैला है सबसे ज्यादा प्रदूषण

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सिडनी| दक्षिण प्रशांत महासागर में सुदूर स्थित और विश्व धरोहर घोषित एक द्वीप पृथ्वी की सर्वाधिक प्रदूषित जगह है। आस्ट्रेलिया में हुए एक अनुसंधान के जरिए मंगलवार को यह खुलासा हुआ। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, तस्मानिया इंस्टीट्यूट फॉर मरीन एंड अंटार्कटिक स्टडीज (आईएमएएस) द्वारा प्रकाशित शोध में कहा गया है कि विश्व धरोहर घोषित द्वीप हेंडर्सन के समुद्र तटों पर 3.77 करोड़ कचरे बिखरे हुए हैं।

विश्व धरोहर

विश्व धरोहर घोषित द्वीप में फैला है सबसे ज्यादा प्रदूषण

मुख्य शोधकर्ता जेनिफर लेवर्स के अनुसार, 17.6 टन का यह कचरा पृथ्वी के किसी भी हिस्से में प्लास्टिक कचरे की सबसे बड़ी मात्रा है। उन्होंने कहा कि शोध से मिले परिणाम चेतावनी की तरह हैं, जो बताते हैं कि प्लास्टिक से होने वाला प्रदूषण जलवायु परिवर्तन जितना ही खतरनाक है।

लेवर्स ने कहा, “हेंडर्सन द्वीप पर जो हुआ है, वह दिखाता है कि समुद्र का सबसे दूरदराज का इलाका भी प्लास्टिक कचरे से होने वाले प्रदूषण से बच नहीं सका है।” उन्होंने कहा, “मानव सभ्यता की कल्पना में पृथ्वी का सबसे दूरदराज इलाका माने जाने वाले प्राचीन ‘डेजर्टेड आइलैंड’ से भी दूर हेंडर्सन द्वीप की हालत हैरान कर देने वाली है। यह इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे प्लास्टिक कचरा वैश्विक स्तर पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है।”

शोधकर्ताओं के अनुसार, हेंडर्सन द्वीप पर प्रति वर्ग मीटर क्षेत्रफल में कचरे के 671.6 टुकड़े मिले। चिली और न्यूजीलैंड के बीच दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित इस एकांत विश्व धरोहर द्वीप के किसी एक समुद्रतट पर रोज कचरे के 3,570 टुकड़े बहकर आते हैं।

लेवर्स का कहना है कि हर साल पूरी दुनिया में उत्पादित होने वाला 30 करोड़ टन प्लास्टिक दोबारा इस्तेमाल में नहीं लाया जाता, जिसका हमारे महासागरों पर दीर्घकालिक असर पड़ रहा है।

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