‘यूनिवर्सिटी पढ़ाई के लिए होती है न कि valentine day मनाने के लिए’

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लखनऊ। अगर आप लखनऊ यूनिवर्सिटी में पढ़ते है तो इस बार वैलेंटाइन डे नहीं मना पाएंगे। लखनऊ यूनिवर्सिटी में वैलेंटाइन डे मनाने पर बैन लगा दिया गया है। प्रॉक्टर निशी पांडेय की ओर से बुधवार को जारी निर्देश में कहा गया है कि कैंपस में कोई भी स्टूडेंट किसी अन्य स्टूडेंट को फूल या गिफ्ट नहीं दे सकेगा। प्रॉक्टर के अनुसार इस तरह के गिफ्ट केवल लालच के लिए होते हैं। ये केवल माहौल खराब करते हैं। कैंपस पढ़ाई करने के लिए है न कि एंटरटेनमेंट के लिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यूनिवर्सिटी पढ़ाई के लिए होती है न कि अफेयर के लिए। अगर वैलेंटाइन डे मनाना है तो छात्र कहीं और जा सकते हैं। स्टूडेंट्स पर और कोई भी प्रतिबंध नहीं है।

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वैलेंटाइन वीक में पढ़ाई के बाद जाएं सीधे घर

प्रॉक्टर के मुताबिक, सभी स्टूडेंट आम दिनों की तरह ही पढ़ने के लिए आएंगे लेकिन अपने साथ किसी भी बाहरी व्यक्ति को नहीं लाएंगे। इस दौरान वह छात्र होने के प्रमाण अपने साथ रखेंगे। कैंपस में इस संबंध में चेकिंग भी कराई जाएगी। पढ़ाई के बाद स्टूडेंट सीधे अपने घर जाएं। इन निर्देशों को न मानने, कैंपस में बिना वजह घूमने या किसी अपरिचित से बातचीत करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।

छात्र संगठनों में है गुस्सा

छात्र संगठनों ने प्रॉक्टर के इस सर्कुलर पर गुस्सा जताया है और कहा है कि प्रॉक्टर को छात्र मर्यादाओं का विवरण भी देना चाहिए। प्रॉक्टर को बताना चाहिए कि छात्रों की मर्यादा क्या है ताकि उसे ही फॉलो करें। ऐसा लगता है कि कैंपस में अब छात्रों के अपने कोई अधिकार नहीं होंगे, बस प्रॉक्टर के फरमान को ही माना जाएगा।

मधुमेह रोगियों के लिए खास होगा valentine day

इस बार वेलेंटाइन डे मधुमेह रोगियों के लिए भी खास होगा। अस्पताल में भर्ती रोगी और डॉक्टर एक साथ वेलेंटाइन डे मनाएंगे। यह मौका 14 फरवरी को दोपहर ढाई बजे आएगा। जगह होगी फैजाबाद रोड पर इंदिरा नहर के पास उपमा संस्था का निर्माणधीन अस्पताल। इस आयोजन में मधुमेह के रोगी और उनके सम्बंधी निशुल्क शामिल हो सकते हैं। इस बारे में उत्तर प्रदेश मधुमेह एसोसिएशन (उपमा) के सचिव और मधुमेह विशेषज्ञ डॉ क्षितिज शंखधर ने आज प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि इस आयोजन में रोगियों को इस बीमारी से बचाव की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा सुगर के कारण दुनिया में हर 20 सेकेंड में एक रोगी के पैर का एम्प्यूटेशन करना पड़ता है।

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