अब Vodafone का होगा Idea

नई दिल्ली। टेलीकॉम ऑपरेटर कंपनी वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्युलर के विलय होने का आज ऐलान कर दिया गया है। दोनों कंपनियों ने भारत में अपने बिजनेस को साथ लाने का फैसला कर लिया है। दोनों अब देश के सबसे बड़े टेलीकॉम प्रोवाइडर के तौर पर जाने जाएंगे। इस मर्जर के बाद वोडाफोन के पास 45.1% की हिस्सेदारी रहेगी जबकि बाकी का 54.9% हिस्सा आइडिया के पास रहेगा। इस विलय के बाद कंपनी के कुल सब्‍सक्राइबर की संख्‍या 39 करोड़ के पास पहुंच जाएगी।

वोडाफोन इंडिया

वोडाफोन इंडिया और आइडिया मिलकर करेंगे कारोबार

पिछले काफी समय से वोडाफोन और आइडिया के विलय की खबरें आ रही थीं। रिलायंस जियो के आने के बाद दोनों कंपनियों की कमाई पर भारी असर पड़ा था। हालांकि विलय की खबरों के चलते आइडिया के शेयर में खासी तेजी देखने को मिली थी। करीब 8 महीने तक चली लंबी बातचीत के बाद दोनों कंपनियों ने इस विलय को मंजूरी दे दी।

जानकारी के मुताबिक विलय के बाद नई कंपनी में आइडिया का शेयर 26 फीसदी और वोडाफोन का 45 फीसदी शेयर होगा। विलय की घोषणा के बाद कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य ग्राहकों को सबसे अच्छी सेवा प्रदान करना होगा। अधिकारियों के मुताबिक भविष्य में दोनों कंपनियों का शेयर बराबर हो जाएगा।

ये है पूरी डील

जानकारी के मुताबिक, दोनों कंपनियों के बीच पिछले 6 महीने से मर्जर की बात चल रही है थी जो अब जाकर पूरी हुई है। वोडाफोन और आदित्य बिड़ला ग्रुप की कंपनी आडिया में मर्जर की हिस्सेदारी भी तय हो गई है। बताया जा रहा है कि वोडाफोन कंबाइन्ड इनटाइटी का 45% अपने पास रखेगी वहीं, आइडिया के पास इसकी 26 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। बता दें कि जियो के आने के बाद टेलीकॉम सेक्टर में हाहाकार मचा हुआ है।

ये पड़ सकता है असर

पहले ये खबर थी कि रिलायंस जियो का मुकाबला करने के लिए आइडिया और वोडाफोन का मर्जर होने जा रहा है. इससे देशभर में फैले आइडिया और वोडाफोन से बड़ी संख्या में लोगों की सेवाएं समाप्त हो सकती हैं। दोनों कंपनियों के मर्जर से जुड़े लोगों का मानना है कि देश में तीन लाख से ज्यादा लोग टेलिकॉम इंडस्ट्री में नौकरी करते हैं। लेकिन अगले 18 महीने की मर्जर प्रक्रिया के दौरान टेलिकॉम इंडस्ट्री से 10,000 से 25,000 लोगों की नौकरी पर तलवार लटक रही है।

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