शनि को भगवान न मानने पर शंकराचार्य का विरोध

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शंकराचार्यनई दिल्ली। शनि शिंगणापुर में शनि देव की पूजा करने के विवाद पर शंकराचार्य के बयान का विरोध किया जा रहा है। शंकराचार्य स्‍वामी स्‍वरूपानंद सरस्‍वती ने यह बयान देकर एक नए विवाद को जन्‍म दे दिया है। शंकराचार्य ने गुरुवार को कहा था कि महिलाओं को आखिर शनि शिंगणापुर में पूजा करने की क्‍या जरूरत है। इतना ही नहीं शंकराचार्य ने शनि को भगवान मानने से भी इनकार कर दिया था।

शंकराचार्य के बयान पर विवाद

हरिद्वार के संतों ने शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती का विरोध किया है। शंकराचार्य का विरोध करने वालों ने कहा शनि भगवान हैं और उनकी पूजा होनी चाहिए। बता दें कि शनि के भगवान होने पर स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा है कि शनि भगवान नहीं बल्कि इन्हें दूर भगाने का उपाय होता है- इनको बुलाने के लिए पूजा नहीं होती।

साथ ही महिलाओं को शनि शिंगणापुर में पूजा करने के मुद्दे पर शंकराचार्य ने कहा था कि ये धार्मिक मामला है- हर जगह महिलाओं को राजनीतिक आजादी की बात नहीं करनी चाहिए। स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा था कि महिलाओं को सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक आजादी मिल चुकी है, कई राज्यों में महिलाएं मुख्यमंत्री भी बन चुकी हैं।

कई लोगों ने किया विरोध

साध्वी प्राची, उदासीन अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी शिवानंद और जूना अखाड़ा के धीरेन्द्र पुरी ने शंकराचार्य के बयान का विरोध किया है।

क्‍या है शनि शिंगणापुर विवाद

शनि शिंगणापुर मंदिर में शनि देव के चबूतरे पर महिलाओं के पूजा करने की परंपरा नहीं है। रणरागिनी भूमाता ब्रिगेड ने बुधवार को इस परंपरा को तोड़ने की कोशिश की थी। संगठन की मुखिया तृप्ति देसाई 400 महिलाओं के साथ मंदिर में पूजा करने के लिए जा रही थीं, जिन्हें रास्ते में ही रोक लिया गया था। हालांकि महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने संगठन की मुखिया तृप्ति देसाई को ये भरोसा दिलाया है कि वो मंदिर प्रशासन से बात कर इस विवाद को सुलझाने की कोशिश करेंगे। शनि शिंगणापुर पूजा विवाद को लेकर नेता भी महिलाओं के समर्थन में हैं। बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने भी मंदिर में महिलाओं के पूजा का हक देने की मांग कर दी है।

…जब टूटी थी 400 साल पुरानी परंपरा

मुंबई से करीब तीन सौ किलोमीटर दूर शनि शिंगणापुर मंदिर में महिला श्रद्धालु के दर्शन के बाद से विवाद शुरू है। एक युवती ने 400 साल पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए शनि की मूर्ति पर तेल चढ़ा दिया था। इसके बाद मंदिर प्रशासन ने महिला को रोकने के लिए महिला पुलिस को तैयार किया था।

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