मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि : पकड़ा गया माल्या 3 घंटे में हो गया रिहा, प्रत्यार्पण कानून का उठा रहा फायदा

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नई दिल्ली। भारत सरकार द्वारा भगोड़ा घोषित किए गए शराब कारोबारी विजय माल्या को तमाम कानूनी दांव-पेंच के बाद लंदन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हालांकि महज 3 घंटे के भीतर ही उसे जमानत मिल गई। माल्या के गिरफ्तार होने की खबर के कुछ ही देर बाद वह सोशल मीडिया में ट्रेंड करने लगा। माल्या पिछले 13 महीने फरार रहा है।

शराब कारोबारी विजय माल्या

शराब कारोबारी विजय माल्या समेत 56 भगोड़ों की लिस्ट भारत ने ब्रिटेन को सौंपी थी

लंबे समय से फरार चल रहे माल्या को पकड़कर भारत लाने के लिए सरकार के सामने एक कानून हमेशा से अड़ंगा फंसाता रहा है। पिछले साल ब्रिटेन की पीएम थेरेसा मे की भारत यात्रा के दौरान, भारत ने ब्रिटेन को 57 भगोड़े की लिस्ट सौंपी थी। ब्रिटेन ने भी ऐसे 17 भगोड़ों की लिस्ट दी थी, जो ब्रिटेन की अदालत में दोषी हैं।

दोनों मुल्कों के बीच प्रत्यर्पण की संधि 1993 में हो गई थी, पर समझौते के इतने दिनों बाद भी ब्रिटेन ने किसी भी भगोड़े को भारत को नहीं सौंपा है। इसके उलट भारत अब तक दो लोगों को ब्रिटेन को सौंप चुका है। मीडिया ने इस खबर को बड़ी राजनीतिक स्टोरी और मोदी सरकार की कामयाबी के तौर पर पेश किया। देश की राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मीडिया ने माल्या की गिरफ़्तारी को करप्शन के खिलाफ मोदी सरकार की बड़ी कामयाबी बताई, कई चैनलों से रिपोर्टस आने लगे कि सीबीआई की टीम कुछ ही घंटों में लंदन रवाना होने वाली है, और माल्या के प्रत्यर्पण पर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

बता दें कि विजय माल्या पर देश के बैंकों का 9 हज़ार करोड़ रुपया बतौर कर्ज लेकर भागने का आरोप है। विजय माल्या की गिरफ्तारी के बाद मीडिया ने लोगों को बताना शुरू कर दिया कि अब मोदी सरकार इस फरार कारोबारी से पाई पाई रुपया वसूल करेगी। कई चैनलों ने इस दरम्यान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वो बयान दिखाया जिसमें पीएम कह रहे हैं कि देश का पैसा हड़पकर भागने वालों को सरकार छोड़ेगी नहीं, वे जहां कहीं भी हैं उन्हें पकड़कर लाएगी और उनसे पूरा पैसा वसूलेगी। इस दौरान चैनलों ने बताया कि माल्या की गिरफ़्तारी केन्द्र सरकार का एक बड़ा राजनीतिक मैसेज देने वाला कदम है।

कुछ चैनल लगे हाथ पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी और संगीतकार नदीम के प्रत्यर्पण पर भी बहस छेड़ दी। लेकिन जैसे ही विजय माल्या वेस्टमिनिस्टर कोर्ट में पेश हुए पूरी तस्वीर ही बदल गई। जज ने विजय माल्या को सशर्त जमानत दे दी। घर पहुंचते ही विजय माल्या ने इंडियन मीडिया पर ताना मारा।

शराब कारोबारी विजय माल्या ने ट्वीट किया और लिखा, ‘हमेशा की तरह इंडियन मीडिया ने हाइप पैदा किया, पहले से तय शेड्यूल के मुताबिक आज अदालत में प्रत्यर्पण पर बहस शुरू हुई।’ बता दें कि दो साल पहले भारत से फरार होकर लंदन में रह रहे विजय माल्या को स्कॉटलैंड यार्ड यानी लंदन पुलिस ने मंगलवार (18 अप्रैल) को गिरफ्तार किया था।

जानिए क्या है एमएलएटी :

22 सितंबर, 1992 को भारत और ब्रिटेन के बीच म्यूचुअल लीगल असिस्टेंस ट्रीटी (एमएलएटी) हुई। इसके तहत दोनों देशों के बीच आपराधिक मामलों में आरोपी और वांछित व्यक्ति के प्रत्यर्पण को लेकर सहमति बनी।

प्रत्यर्पण के कई चरण :

  • -ब्रिटेन में प्रत्यर्पण के कई चरण होते हैं। इस साल फरवरी में भारत द्वारा की गई माल्या के प्रत्यर्पण की मांग को ब्रिटेन ने प्रमाणित किया और उसे डिस्ट्रिक्ट जज के पास आगे की कार्रवाई के लिए भेजा।
  •  डिस्ट्रिक्ट जज ही तय करता है कि मामले में व्यक्ति के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाए या नहीं।
  •  वारंट जारी होते ही आरोपी व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाता है। उसे प्रारंभिक सुनवाई के लिए कोर्ट में पेश किया जाता है। माल्या के खिलाफ भी जज ने वारंट जारी किया और उन्हें कोर्ट में पेश किया गया।
  • प्रारंभिक सुनवाई के बाद प्रत्यर्पण पर सुनवाई होती है। फिर अंतिम निर्णय सेक्रेटरी ऑफ स्टेट लेता है।
  • इस दौरान किसी भी निर्णय के खिलाफ आरोपी व्यक्ति बड़ी अदालतों में अपील कर सकता है।

ब्रिटेन के पास अटके पड़े प्रत्यर्पण के अन्य मामले

1. सुधीर चौधरी (67) : हथियार डीलर और मध्यस्थ, लिबरल डेमोक्रेट्स पार्टी का बड़ा दानदाता। सौदों के लिए रोल्स रॉयस और मिग जैसी रक्षा कंपनियों से कथित रूप से रिश्वत लेने का आरोपी। 2006 से लंदन में रह रहे हैं। अब ब्रिटेन की नागरिकता भी हासिल कर ली है। उनके खिलाफ सीबीआइ ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया हुआ है।

2. नदीम सैफी (52) : बॉलीवुड के पूर्व संगीत निर्देशक और अब परफ्यूम कारोबारी। कैसेट कारोबारी गुलशन कुमार की हत्या में शामिल होने का आरोप। 1997 से लंदन में रह रहे थे और बाद में ब्रिटेन की नागरिकता भी हासिल कर ली। फिलहाल संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में रह रहे हैं। साल 2000 में ब्रिटेन के सुप्रीम कोर्ट ने उनके प्रत्यर्पण के अनुरोध को ठुकरा दिया था।

3. रवि शंकरन (52) : नौसेना के पूर्व कमांडर और हथियार डीलर। नौसेना वॉर रूम लीक मामले में जासूसी का आरोप। 2006 से लंदन में रह रहे हैं।

4. टाइगर हनीफ (55) : अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम का सहयोगी और गुजरात में 1993 में हुए विस्फोटों व अन्य आतंकवादी गतिविधियों का आरोपी। 1996 से लंदन में रह रहा है। बाद में ब्रिटिश पासपोर्ट भी हासिल कर लिया। पिछले तीन सालों से उसके प्रत्यर्पण के कागजात ब्रिटेन के गृह सचिव के समक्ष लंबित हैं।

5. ललित मोदी (50) : उद्योगपति और इंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) के संस्थापक। मनी लांड्रिंग, वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपी। 2010 से लंदन में रह रहे हैं। एक कानूनी फर्म में निवेश किया है और स्थायी नागरिकता हासिल करने के करीब।

बैंकों का माल्या पर बकाया (करोड़ रुपए में)

1. भारतीय स्टेट बैंक- 1650

2. पंजाब नेशनल बैंक- 800

3. आइडीबीआइ बैंक- 800

4. बैंक ऑफ इंडिया- 650

5. बैंक ऑफ बड़ौदा- 550

6. यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया- 430

7. सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया- 410

8. यूको बैंक- 320

9. कॉरपोरेशन बैंक- 310

10. स्टेट बैंक ऑफ मैसूर- 150

11. इंडियन ओवरसीज बैंक- 140

12. फेडरल बैंक- 90

13. पंजाब एंड सिंध बैंक- 60

14. एक्सिस बैंक- 50

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