शातिर लुटेरे निकले मामा-भांजा,पारिवारिक परंपरा बचाने के लिए करते हैं जुर्म

दिल्ली में पुलिस ने लुटेरों की एक ऐसी जोड़ी को गिरफ्तार किया है, जो मिलकर आपराधिक वारदातों को अंजाम देते थे. हैरानी की बात ये है कि वो अपने परिवार की परंपरा को जिंदा रखने के लिए जुर्म किया करते थे. पकड़े गए दोनों बदमाशों का खासा आपराधिक इतिहास है. यहां तक कि उनके परिवार में भी कई अपराधी हैं. पुलिस दोनों की गिरफ्तारी को बड़ी सफलता मान रही है.

पुलिस के मुताबिक बीती 30 जून को मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों ने एक लड़की का मोबाइल फोन छीनने की कोशिश की. इस घटना की सूचना मिलते ही तुरंत पुलिस हरकत में आ गई. और दोनों स्नैचरों को पकड़ने के लिए उनका पीछा किया. इस दौरान दोनों बदमाश मोटरसाइकिल से गिर गए और पुलिस ने ईशु नामक एक बदमाश को पकड़ लिया, जबकि उसका मामा सोनू मौके से भाग निकलने में कामयाब हो गया.

लेकिन पुलिस ने ईशु से पूछताछ करने के बाद उसकी निशानदेही पर उसके मामा सोनू को भी दिल्ली के मैदान गढ़ी इलाके से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने जब दोनों से पूछताछ कर मामले की छानबीन को आगे बढ़ाया तो पता चला कि ईशु का मामा सोनू ही नहीं बल्कि उसका नाना विनोद कुमार भी कुख्यात अपराधी है. सोनू के पिता विनोद कुमार के खिलाफ चोट पहुंचाने, हत्या और हत्या के प्रयास के 8 मामले चल रहे हैं. वर्तमान में वह सजायाफ्ता मुजरिम है. उसे एक मर्डर केस में उम्रकैद की सजा हो चुकी है. फिलहाल वह पेरोल पर चल रहा है.

पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी ईशु और सोनू एक ही पते यानी एफ 221 मैदान गढ़ी के रहने वाले हैं. उनकी आपराधिक पारिवारिक पृष्ठभूमि है. पूछताछ में दोनों ने बताया कि जुर्म उनके परिवार की परंपरा है. जिसे निभाने और आगे बढ़ाने के लिए ही दोनों अपराध करते हैं. पुलिस अभी भी दोनों से पूछताछ कर रही है.

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