शाही इमाम ने लड़कियों को लेकर दिया विवादित बयान

0

कोलकाता। एक तरफ देश में लड़कियों को लेकर बड़ी-बड़ी बातें की जा रही है कि लड़कियां लड़कों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलें। लड़कियों को बराबर का हक मिलना चाहिए। वो किसी से कम नहीं हैं। फिर उनके कपड़ों को लेकर आये दिन विवादित बयान क्यों दिए जाते हैं? शाही इमाम की बात को मान भी लिया जाए तो क्या लड़कियों के कपड़े बदलने से लोगों की मानसिकता बदल जायेगी। लोग ये क्यों नहीं कहते कि देश में लोगों को लड़कियों को लेकर पहले अपनी मानसिकता में बदलाव लाना चाहिए। क्योंकि जबतक लोग पनी मानसिकता नहीं बदलेंगे तबतक लड़कियों के कपड़े बदलने से कुछ नहीं होगा।

शाही इमाम

शाही इमाम के बयान की गारंटी कौन लेगा?

फिलहाल कोलकाता में टीपू सुल्तान मस्जिद के शाही इमाम सैयद मोहम्मद नुरूर आर बरकाती ने एक विवादित बयान देकर सुर्खियों में आ गये हैं। शाही इमाम ने लड़कियों के पहनावे को लेकर कहा कि लड़कियां अगर बलात्कार और हत्या से बचना चाहती है तो उन्हें छोटे कपड़े पहनने से बचना चाहिए। इमाम ने जोर देकर कहा कि लड़कियों को शॉट ड्रेस में देखकर पुरुष उत्साहित हो जाते हैं। ऐसे में लड़कियों को शालीनता वाले कपड़े पहनने चाहिए जिससे वह पुरुषों की बुरी नजर से बच सके।

खबरों की मानें तो इमाम बरकाती ने बताया कि लड़कियां इन दिनों भी बहुत छोटे कपड़े और बहुत ही खुली हुई शर्ट पहनती है। हम उन्हें कपड़े पहनने से रोक नहीं सकते लेकिन अगर वह छोटे कपड़े नहीं पहनेगी तो वह खुद को पुरुषों की बुरी नजर से बच सकती हैं। उन्होंने कहा कि छोटे कपड़ों की वजह से ही रेप और हत्या होती है। इससे पहले 13 जनवरी को इन्होंने कहा था कि हिन्दु, मुस्लिम और भारतीय महिलाओं के लिए ड्रेस कोड होना चाहिए। इमाम बरकाती की टिप्पणी समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी के बयान के बाद आया है। आजमी ने कहा था कि बेंगलुरू में लड़कियों के साथ छेड़छाड़ इस वजह से हुई थी क्योंकि उन्होंने भड़काऊ कपड़े पहने थे।

Edited by- Shailendra verma

loading...
शेयर करें