शिवसेना ने फिर उठाई आवाज, कहा- राष्ट्रपति भवन में होना चाहिए हिंदुत्व का रबर स्टांप

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मुंबई: इन दिनों राष्ट्रपति चुनाव को लेकर देश के राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट सुनाई दे रही हैं। इन्ही आवाजों में से एक शिवसेना की है, जो पिछले काफी समय से राष्ट्रपति पद के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत के नाम की सिफारिश कर रही है। इस बार शिवसेना ने अपने एक बयान में मोहन भागवत का नाम तो नहीं लिया है, लेकिन यह जरूर कहा है कि राष्ट्रपति भवन में हिंदुत्व का रबर स्टांप होना चाहिए।

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शिवसेना ने की हिंदूवादी चेहरे के राष्ट्रपति की मांग

पार्टी ने अपने बयान में देश को हिन्दू राष्ट्र बनाने की भी वकालत की। उन्होंने कहा कि देश को आज ऐसे व्यक्ति की जरूरत है जो इसके भविष्य को हिंदू राष्ट्र के रूप में आकार दे सके और जो राम मंदिर और अनुच्छेद 370 जैसे विषयों का हल निकाल सके। शिवसेना का यह वक्तव्य उनके मुखपत्र सामना के माध्यम से सामने आया है।

सामना के संपादकीय के अनुसार, अभी तक धर्मनिरपेक्ष सरकारों के रबर स्टांप ही राष्ट्रपति भवन में रहे हैं। अब राम मंदिर, समान नागरिक संहिता और संविधान के अनुच्छेद 370 जैसे विषयों का समाधान निकालने के लिए जरूरी है कि राष्ट्रपति पद पर कोई हिंदुत्व का रबर स्टांप बैठे।

गणना के अनुसार, राष्ट्रपति पद के लिए राजग के 23 घटक दलों के 48 प्रतिशत वोट हैं, जबकि संप्रग के 17 घटक दलों के 26 प्रतिशत वोट हैं। पिछले दो राष्ट्रपति चुनावों में भाजपा से अलग रास्ता अपनाती रही शिवसेना ने कल कहा था कि वह राष्ट्रपति चुनाव में स्वतंत्र रख अपना सकती है। हालांकि भाजपा को अपनी सहयोगी शिवसेना से 18 सांसदों और 63 विधायकों का समर्थन मिलने की उम्मीद है।

 

 

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