फिल्म रिव्यू : ‘शोरगुल’ में कहानी गुल

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फिल्म का नाम: शोरगुल
डायरेक्टर: प्रणव कुमार सिंह और जीतेंद्र तिवारी
स्टार कास्ट: आशुतोष राणा, जिमी शेरगिल, संजय सूरी, नरेंद्र झा, सुहा गोजेन, दीपदास राणा, हितेन तेजवानी, एजाज खान
रेटिंग: 2 स्टार

 'शोरगुल'

‘शोरगुल’ का फिल्म रिव्यू

मल्टीस्टारर फिल्म ‘शोरगुल’ आज बॉक्स ऑफिस पर रिलीज़ हो गई हैं। फिल्म राजनीतिक बैकड्रॉप की है इसलिए इसकी रिलीज़ को लेकर कई दिक्कतें आईं जिसकी वजह से कई बार फिल्म की रिलीज़ को टालना पड़ा। फिल्म को लेकर ऐसी अफवाहें थीं कि ये उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में हुए दंगों पर आधारित है। इसीलिए कई राजनीतिक पार्टियां नहीं चाहती थीं कि ये फिल्म रिलीज़ हो। आखिरकार आज ये फिल्म रिलीज़ हो गई है आइये समीक्षा करते हैं।

कहानी

यह कहानी उत्तर प्रदेश के पास स्थित मलीहाबाद की है, जहां के चौधरी (आशुतोष राणा) को गांव के लोग बहुत मानते हैं वो जो कह देता है गांव वाले आंख बंद कर के विश्वास कर लेते हैं। वहीं गांव के विधायक ओम भैया (जिम्मी शेरगिल) का रुझान सिर्फ हिन्दू लोगों के प्रति अच्छा रहता है और मुस्लिम धर्म के लोगों को वो कुछ खास पसंद नहीं करते और मन मुटाव बना रहा है। ओम की भरपूर कोशिश रहती है कि हिन्दू-मुस्लिम के बीच दंगे हों, जिसका फायदा उनके वोट बैंक के लिए हो। वहीं फिल्म में सलीम (हितेन तेजवानी) और जैनाब (सुहा गोजेन) के बीच निकाह की बात होती है लेकिन सलीम को जैनाब और उसके बचपन के हिन्दू दोस्त राघव (अनिरुद्ध दवे) के बीच की दोस्ती अच्छी नहीं लगती। इसी बीच सिलसिलेवार घटनाओं में राघव की मौत हो जाती है। राघव दरअसल चौधरी का बेटा होता है, और उसकी मौत को ओम भैया के लोग कैश करना चाहते हैं, जिसकी वजह से दंगे होते हैं। आखिरकार फिल्म का एक टिपिकल अंत होता है।

डायरेक्शन
फिल्म का डायरेक्शन तो बहुत अच्छा है लेकिन कहानी काफी घिसी-पीटी सी नजर आती है। यहां लव स्टोरी और पॉलिटक्स को मिक्स करके दर्शाने की कोशिश की गई है जो सफल नहीं हो सकी है। फिल्म के डायलॉग्स काफी दमदार हैं। फिल्म आपको काफी लंबी और बोरिंग लगेगी जिसपर काम किया जा सकता था। हालांकि फिल्म में लोकशन्स काफी अच्छी हैं।

एक्टिंग

आशुतोष राणा और जिमी शेरगिल ने उम्दा परफॉर्मेंस दी है। वहीं एक्ट्रेस सुहा गोजेन ने भी बेहतरीन एक्टिंग की है, वहीं बाकी किरदारों ने भी अच्छा काम किया है।

म्यूजिक

फिल्म का म्यूजिक अच्छा है जो गानों को कहानी से जोड़ता है। कव्वाली के साथ-साथ रोमांटिक और इमोशनल गाने भी हैं जो आपको बांधे रखते हैं।

देखें या नहीं

अगर आपको राजनीतिक फिल्में पसंद हैं या फिर आप आशुतोष राणा और जिमी शेरगिल की दमदार एक्टिंग के फैन हैं तो एक बार ये फिल्म देखी जा सकती है।

 

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