संजय कुमार ने सिंगापुर में हिन्दी को दिलाया एक अलग मुकाम

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लखनऊ। दुनिया के हर देश में भारतीयों ने अपना लोहा मनवाया है। सिंगापुर में भी एक भारतीय संजय कुमार ने कुछ ऐसा काम किया है जिससे भारत का सिर ऊंचा हो गया है।

संजय कुमार

संजय कुमार ने हिंदी को दिलाया सम्मान

अपनी मातृभूमि से हजारों किमी की दूरी पर संजय कुमार ने सिंगापुर में हिंदी को बढ़ावा देने का काम किया। संजय कुमार के अथक प्रयास और उनकी मातृभाषा से प्यार को सिंगापुर में हिंदी को एक ऊंचाई मिली है। सिंगापुर के Singapore Language Organization ने इसी सिलसिले में प्रथम “हिंदी प्रेरणा पुरष्कार” के नाम से हिंदी भाषा प्रतियोगिता का आयोजन किया। जिसका इसका मुख्य उद्देश्य साहित्य कला को बढ़ावा देना और सिंगापुर में हिंदी के लिए एक राष्ट्रव्यापी मंच का निर्माण करना था। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि सिंगापुर में बसे भारतीय समुदाय का पुस्तकों से परे भाषा के साथ सकारात्मक सम्बन्ध स्थापित कर सके।

विभिन्न वर्ग के बच्चों को मिला आमंत्रण
इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए समूह बनाए गए थे। पहला वर्ग आठ से 12 साल के बच्चों के लिए था। दूसरे और तीसरे वर्ग में 13 से 16 वर्ष, और ओपन 16 वर्ष से अधिक के लोगों को कविता, कहानी और मंच-व्याख्यान (पब्लिक स्पीकिंग) में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया गया था।

हिंदी दिवस पर हुआ था आयोजन
इस प्रतियोगिता का आयोजन सिंगापुर की राष्ट्रीय लाइब्रेरी में 9 जनवरी को हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर किया गया था। BBC हिंदी के मोहन लाल शर्मा और मनोरंजन जगत से जुड़े आदित्य कृपलानी को प्रतियोगिता का जज बनाया गया था। प्रतियोगिता का संचालन महक ने किया था।

सिंगापुर में भारतीय उच्चायुक्ता बने मुख्य अतिथि

सिंगापुर में भारतीय उच्चायुक्त कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बने और उन्होंने आयोजकों और प्रतियोगियों की सराहना की। इस प्रतियोगिता की खास बात यह रही कि संजय कुमार को हिंदी समृद्ध व्यक्तित्व से अलंकृत किया गया।

संजय कुमार ने किया मंत्र-मुग्ध
संजय कुमार ने ओपन वर्ग की तीनों विधाओं, कविता, कहानी लेखन और पब्लिक स्पीकिंग में पुरस्कार हासिल किया। वहां मौजूद सभी लोगों ने उन्हें मंत्र-मुग्ध होकर सुना। संजय ने हिंदी की सेवा का ऐसा अवसर दिए जाने के लिए आयोजकों का सादर आभार व्यक्त किया, और इस क्षेत्र में निरंतर कार्य करने की प्रतिबद्धता दोहराई। सिंगापुर लैंग्वेज आर्गेनाईजेशन की संस्थापक सदस्य ममता मंडल ने हिंदी की महत्वत और समृद्धि का उल्लेख किया, और लोगों से हिंदी भाषा के विस्तार में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।

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