संजय दत्त के बाद नलिनी को पैरोल मिली

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चेन्नई। देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के आरोप में उम्र कैद की सजा काट रही नलिनी को पैरोल मिली है। एक दिन की पैरोल पर नलिनी जेल से बाहर आ चुकी है। खबर है कि नलिनी के पिता की मौत हो गई है। पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए नलिनी को वेल्लोर जेल से छोड़ा गया। उसके साथ दस पुलिसकर्मी भी साथ में थे।

नलिनी को पैरोल

नलिनी को पैरोल: प्रभाकरण के इशारे पर हुई थी हत्या

21 मई 1991 को लिट्टे प्रमुख प्रभाकरण के कहने पर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी। हत्या की इस साजिश में दर्जनों लोग शामिल थे। इस मामले में 24 मई 1991 को सीबीआई की स्पेशल टीम ने केस दर्ज किया। घटनास्थल पर मिले सबूतों में एक कैमरा और उसकी तस्वीरें भी थीं।

नलिनी की फांसी बदली उम्रकैद में

सीबीआई जांच के दौरान करीब 100 लिट्टे समर्थकों ने साइनाइड खाकर अपनी जान दे दी थी। राजीव गांधी हत्याकांड का मास्टर माइंड सिवरासन ने भी जान दे दी थी। सीबीआई कुल 26 लोगों को कानून के कटघरे में लाने में कामयाब हुई। नलिनी मुरुगन, संथन और पेरारिवलन समेत 26 लोगों पर मुकदमा चला। निचली अदालत ने इन सभी को फांसी की सजा सुनाई। साल 1999 में सुप्रीम कोर्ट ने नलिनी, संथन और पेरारिवलन की सजा बरकरार रखी।

पहले कई बार नामंजूर हो चुकी थी अर्जी

राज्य सरकार ने 24 अप्रैल 2000 को नलिनी की क्षमादान याचिका को मंजूर करते हुए उसकी फांसी की सजा को उम्र कैद में बदल दिया था। अक्तूबर 2007 में भी नलिनी के समय पूर्व रिहाई के अनुरोध को अधिकारियों ने खारिज कर दिया था। नलिनी ने साल 2010 में भी जेल से बाहर आने की दोबारा अर्जी लगाई थी। तब मद्रास हाई कोर्ट की एक बेंच ने इसकी याचिका को खारिज कर दिया था।

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