सचिन को फिर हराना चाहते हैं सौरव

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कोच्चि। क्रिकेट जगत के दो होनहार महारथी सचिन  तेंदुलकर और सौरव गांगुली न जाने कितने मौकों पर भारत के लिए साथ-साथ खेले हैं और कई यादगार साझेदारियां निभाई हैं। लेकिन हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) एक ऐसा मंच है, जहां वे एकदूसरे के खिलाफ खड़े दिखाई देते हैं। 2014 में एक मौका आया था जब सौरव की टीम ने सचिन की टीम को निराश करते हुए खिताब से महरूम रखा था और अब एक बार फिर सौरव चाहेंगे कि सचिन तेंदुलकर को निराशा हाथ लगे।

सचिन तेंदुलकर

सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली की टीमें आपस में खेलेंगी आईएसएल का फाइनल 

सचिन तेंदुलकर आईएसएल फ्रेंचाइजी केरला ब्लास्टर्स के सहमालिक हैं जबकि सौरव एटलेटिको दे कोलकाता के सहमालिक हैं। 2014 में सौरव की टीम ने एक गोल के अंतर से केरल को हराकर सचिन की टीम को खिताब तक पहुंचने नहीं दिया था। एक बार फिर दोनों महारथियों की टीमें फाइनल में हैं और इस बार भी सौरव का लक्ष्य सचिन की टीम केरल को खिताब से दूर रखना होगा।
आईएसएल-2014 का फाइनल मैच मुंबई में खेला गया था और सौरव की टीम ने मोहम्मद रफीक के एकमात्र गोल की मदद से जीत हासिल की थी। इस साल हालात बदल चुके हैं। इस बार का फाइनल रविवार को सचिन की टीम के घरेलू मैदान पर होगा और वहां हजारों की संख्या में केरल के समर्थक मौजूद होंगे।

मजेदार बात यह है कि रफीक इस साल केरल के लिए खेल रहे हैं और इस बार खिताबी मैच तटस्थ आयोजन स्थल पर नहीं हो रहा है, जिससे कि दोनों टीमों को बंटा हुआ समर्थन मिलने की उम्मीद हो। इस बार कोलकाता को 50 हजार के करीब दर्शकों के खिलाफ जाकर केरल को हराना होगा।

सौरव चाहेंगे कि उनकी टीम केरल को हराकर इतिहास कायम करे। कोलकाता ने लगातार तीन साल सेमीफाइनल में जगह बनाई और फिर दूसरी बार फाइलन खेलने के लिए तैयार है। केरल की टीम भी दूसरी बार फाइनल खेल रही है, लेकिन 2015 में वह सेमीफाइनल में नहीं पहुंच सकी थी।

फाइनल के लिए सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली कोच्चि पहुंच रहे हैं और साथ ही पहुंच रहे हैं महानायक अमिताभ बच्चन, जो हमेशा से खेल प्रेमी और खेलों को बढ़ावा देने वाले रहे हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि अमिताभ इस मैच में किसका साथ देते हैं या फिर अपने आप को सुरक्षित रखते हुए वह अच्छा खेलने वाली टीम का समर्थन करते हैं।

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