One Time Watch है ‘सनम तेरी करम’

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फिल्म का नाम: सनम तेरी कसम

डायरेक्टर: विनय सप्रू और राधिका राव
स्टार कास्ट: मावरा होकेन , हर्षवर्धन राणे , मुरली शर्मा, विजय राज
रेटिंग: 2.5 स्टार

सनम तेरी कसम का फिल्म रिव्यू

मुंबई। ‘लकी’ और ‘आई लव न्यूयॉर्क’ के डायरेक्टर विनय सप्रू और राधिका राव की एक और फिल्म ‘सनम तेरी कसम’ आज बॉक्स ऑफिस पर रिलीज़ हुई है। राधिका राव और विनय सप्रू ने मिलकर कई सारे म्यूजिक एलबम और फिल्मों के स्पेशल गाने भी डायरेक्ट किये हैं। इनकी इससे पहले की दोनों फिल्में तो बॉक्स ऑफिस पर नहीं चल पाईं। देखते हैं क्या ये फिल्म फिर पुराना इतिहास दोहराएगी आ इस बार कुछ नया होगा।

 

सनम तेरी कसम

कहानी

ये कहानी है इंदर और सरू की जो एक-दूसरे से बिल्कुल अलग है। इंदर का एक क्रिमिनल बैकग्राउंड है, उस पर मर्डर का इल्जाम है, वो शराबी, नकारा और भटका हुआ है। वहीं सरू एक संस्कारी तमिल ब्राह्मण फैमिली से बिलॉन्ग करती हैं। दोनों एक ही बिल्डिंग में रहते हैं। सरू के पिता इंदर की खराब इमेज की वजह से उसे सोसायटी से बाहर निकालना चाहते हैं, लेकिन जब वो सरू को इंदर के घर पर देखते हैं, तो सरू को घर से बाहर निकाल देते हैं। इसके बाद इंदर सरू का सहारा बनता है।

दोनों ही अपने परिवार से दूर हैं और अकेलेपन से घिरे हुए हैं। फिल्म की कहानी इनके बदलते रिश्ते के साथ आगे बढ़ती है। सरु अपने कलीग से प्यार करती है, लेकिन वो सरू की बहन जी इमेज की वजह से उसे पसंद नहीं करता। इंदर सरू का मेकओवर करता है और उसे उसके प्यार से मिलाता है। लेकिन यहां भी कहानी में ट्विस्ट है।

एक्टिंग

इस फिल्म से हिंदी फिल्मों में डेब्यू कर रहे दोनों एक्टर्स मावरा होकेन और हर्षवर्धन राणे ने उम्दा एक्टिंग की है। कई ऐसे सीक्वेंस आते हैं जब इमोशंस के साथ साथ करेक्ट शॉट की डिमांड थी, जिसे इन दोनों एक्टर्स ने मौके की नजाकत को ध्यान में रखते हुए दिया है। हर्षवर्धन का माचो लुक, और मावरा का मासूम चेहरा , उनके अभिनय की सहजता में चार चाँद लगाता है। वहीँ फिल्म में मुरली शर्मा, विजय राज ने भी अच्छा काम किया है।

डायरेक्शन

फिल्म का फर्स्ट हॉफ अच्छा है, लेकिन सेकेंड हॉफ में कहानी अपनी पकड़ खोती है। दूसरे हिस्से में फिल्म आपको ‘कट्टी-बट्टी’ की याद दिलाएगी। राधिका और विनय ने फिल्म पर मेहनत की है लेकिन वो इसे परफेक्ट बनाने में कामयाब नहीं हो पाए।

म्यूजिक

फिल्म के गाने बहुत ही अच्छे हैं और रिलीज से पहले ही हिट हो चुके हैं। हिमेश रेशमियां ने अच्छा म्यूजिक दिया है। बैकग्राउंड स्कोर भी कहानी के संग बखूबी जाता है। फिल्म की साज सज्जा, सिनेमेटोग्राफी, लोकेशंस और सींस की डिटेलिंग तारीफ के काबिल है। लेकिन पटकथा कमजोर और धीमी है। साथ ही कई सीक्वेंस ऐसे भी आते हैं जो वास्तविकता से परे हैं।

देखें या नहीं

वैसे तो इस फिल्म में कुछ भी नया नहीं है। लेकिन अगर आप नए चेहरों की जबरदस्त एक्टिंग को देखना चाहते हैं तो फिल्म वन टाइम वॉच है।

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